मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची : ईडी ने कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल और उनके ससुर दिलीप घोष को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में कथित अवैध भूमि सौदों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में बुधवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल और उनके ससुर दिलीप घोष को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है। झारखंड-कैडर के आईएएस अधिकारी छवि रंजन और आठ लोगों को ईडी पहले ही इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 11 हो गई है। अग्रवाल को ईडी ने बीते दिनों एक अन्य मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है। ईडी हिरासत में पूछताछ के लिए दोनों की रिमांड की मांग करेगी।
ईडी झारखंड में एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। जिसमें भू-माफिया, बिचौलियों और नौकरशाहों सहित एक कंपनी साठगांठ सामने आई थी। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने जाली दस्तावेजों से धोखाधड़ी कर गरीबों और दलितों की जमीन ’हड़प’ ली थी। ईडी ने पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू करने के लिए दस्तावेजों की जालसाजी को लेकर रांची में दर्ज कराई गई प्राथमिकी का संज्ञान लिया था। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने तलाशी के दौरान कई फर्जी मुहर, जमीन के कागजात और रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किए हैं।
