

रांची: झारखंड की राजधानी रांची की ऋचा भारती अब कुरान की पांच प्रतियां नहीं बांटेंगी। अमूमन न्यायालय का फैसला सभी को स्वीकार होता है चाहे वह कोई भी क्यों न हो! न्यायालय की ओर से कोई फैसला आने के बाद कोई भी उसे मानने से इंकार नहीं करता लेकिन लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में ऋचा भारती के दृढ़ निश्चिय और बढ़ते जनदबाव के आगे न्यायालय को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। रांची के निचली अदालत ने जनदबाव के आगें अपने फैसले को वापस लेते हुए ऋचा भारती पर से पांच कुरान की प्रतियां बांटने का फैसला वापस ले लिया है। फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के मामले में ऋचा भारती को कुरान की प्रतियां बांटने की शर्त को कोर्ट ने हटा लिया है। शर्त को हटाए जाने के बाद ऋचा ने खुशी जताई और कहा कि मैंने किसी के धर्म को ठेस नहीं पहुंचाया है। कोर्ट ने जब ये शर्त हटाया तब ऋचा महिला आयोग के दफ्तर मे मौजूद थीं। वहीं बुधवार सुबह रांची के वकीलों ने फेसबुक टिप्पणी मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के कोर्ट बहिष्कार किया। ऋचा पटेल के फेसबुक टिप्पणी मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के 5 कुरान की प्रति बांटने के अजीबोगरीब आदेश के बाद रांची जिले के वकील आंदोलित हो गए हैं। मनीष कुमार सिंह की अदालत का बुधवार को बहिष्कार किया गया। वकीलों ने जज की ओर से दिए गए इस तरह के आदेश की जमकर मुखालफत की। इससे पहले ऋचा भारती ने मंगलवार सुबह कहा था कि वह किसी भी कीमत पर कुरान नहीं बांटेंगी। अगर ऐसा होता है तो आज वे कुरान बांटने की बात कह रहे हैं, आने वाले समय में बोला जाएगा कि तुम इस्लाम स्वीकार कर लो, नमाज पढ़ लो। उसने यह भी कहा कि कभी किसी मुस्लिम से ऐसा कहा गया है कि तुमने सनातन धर्म को गलत बोला है, तुम रामायण का पाठ करो या दुर्गा पाठ करो या फिर हनुमान चालीसा पढ़ो। हालांकि, दोपहर बाद वह अपनी बातों से मुकर गई और कहा कि कोर्ट के आदेश का वह सम्मान करती है। अभी कोर्ट के तरफ से लिखित आदेश नहीं पहुंचा है। इसके बाद भी वह लोगों को साफ करना चाहती है कि अगर कुरान बांटने संबंधी कोर्ट से लिखित आदेश उसे मिलता है तो वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी। ऋचा के पिता प्रकाश पटेल ने बताया था कि उन्हें पुलिस के तरफ से मामले में कुछ भी जानकारी नहीं दी गई। 12 जुलाई की शाम लगभग पांच बजे पुलिस उनके घर पहुंची और उनकी बेटी को गिरफ्तार कर थाने ले गई। इस दौरान वे घर पर भी नहीं थे। सूचना मिलने के बाद जब तक वे थाना पहुंचते, बेटी को जेल भेज दिया गया। उधर, ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर ने कहा था कि यह जरूरी नहीं है कि जेल भेजने से पहले नोटिस किया जाए। परिस्थिति के हिसाब से काम किया जाता है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दो घंटे के अंदर ऋचा को जेल भेज दिया गया था। इसमें गलत क्या है। 12 जुलाई को सोशल साइट पर विवादित पोस्ट शेयर करने के आरोप में ऋचा को जेल भेज दिया गया था। सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने सशर्त जमानत दी थी। जमानत पर सुनवाई के दौरान न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपित को 15 दिनों के अंदर पांच कुरान बांटने का आदेश दिया था। ऋचा भारती के खिलाफ सदर अंजुमन कमेटी, पिठोरिया द्वारा 12 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अंजुमन कमेटी ने पोस्ट के कारण सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका जताई थी। इस पूरी घटना के कारण रांची से 25 किलोमीटर दूर दराज में रहनेवाली ऋचा भारती रातों रात देशभर की मीडिया की सुखियां न्यायालय के अजीबों गरीब फैसले से चर्चित हो गयी है।
