कांग्रेस अपने नये राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव वोटिंग से करेगी, कांग्रेस के कार्यकर्ता देंगें वोट, राहुल गांघी के फिर से अध्यक्ष बनने की संभावना

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मुखर संवाद के लिये शुभांगी यादव की रिपोर्ट-
नयी दिल्ली: कांग्रेस पार्टी एक बार फिर से लोकतंत्र की मिशाल देने की तैयारी में जुट गयी है। कांग्रेस अब नये राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव वोटिंग के जरियश्े करेगी। कांग्रेस जल्द ही नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी अध्‍यक्ष पद के लिए सबसे उपयुक्‍त कौन है इसके लिए कांग्रेस के भीतर चुनाव होगा। इलेक्टोरल कॉलेज, एआईसीसी के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता और सदस्य चुनेंगे कि कौन कांग्रेस अध्‍यक्ष के लिए सबसे उपयुक्त कौन है। उन्‍होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में मुझे मिलाकर 99.9 फीसद लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी को पार्टी नया अध्यक्ष चुना जाए। बीते महीनों में कांग्रेस के अंदर ही विरोध के सुर उठे थे। अब मामले सुलझाने के लिए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आगे आई हैं।कल से एक हफ्ते तक सोनिया कांग्रेस के कई नेताओं से मिलेंगी। इसमें उनकी शिकायतों के अलावा पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। पार्टी नेताओं के मुताबिक, मीटिंग में राज्य और केंद्रीय स्तर के नेताओं से चर्चा होगी। सोनिया उन नेताओं से भी मिलेंगी, जिन्होंने पार्टी में रिफॉर्म की बात कही थी।

बताया गया है कि अहमद पटेल के निधन के बाद एक पूर्व मुख्यमंत्री सोनिया से मिले थे। उन्होंने अंतरिम अध्यक्ष से पार्टी नेताओं से मुलाकात कर मुद्दे सुलझाने की अपील की थी। पहले बैच में जिन नेताओं से सोनिया मिल सकती हैं, उनमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद समेत प्रदेश कांग्रेस समितियों के अध्यक्ष शामिल हैं।एक महीने पहले गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि 5 स्टार कल्चर से चुनाव नहीं जीते जा सकते। आज नेताओं के साथ यह दिक्कत है कि अगर उन्हें टिकट मिल जाता है तो वे सबसे पहले 5 स्टार होटल बुक करते हैं। अगर सड़क खराब है तो वे उस पर नहीं जाएंगे। जब तक इस 5 स्टार कल्चर को छोड़ नहीं दिया जाता, तब तक कोई चुनाव नहीं जीता जा सकता। पिछले 72 साल में कांग्रेस सबसे निचले पायदान पर है। कांग्रेस के पास पिछले दो कार्यकाल के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद भी नहीं है। कुछ महीने पहले पार्टी के 23 नेताओं ने इस मसले पर सोनिया गांधी को चिट्‌ठी भी लिखी थी। इनमें कपिल सिब्बल के साथ गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे। चिट्ठी में पार्टी में ऊपर से नीचे तक बदलाव करने की मांग की गई थी।

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