केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर , नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर, अंजाम तक ले जाने की कही बातें

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मुखर संवाद के लिये रवि रंजन की रिपोर्टः-
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 23 जवानों को नक्सलियों ने मुठभेड़ में शहीद हो गये। आज छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जा रहे हैं। बीजापुर में नक्सली एनकाउंटर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज एक दिन का छत्तीसगढ़ दौरा है। यहां उन्होंने मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों को जगदलपुर में श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सीनियर ऑफिसर्स के साथ उनकी मीटिंग जारी है। इन दोनों कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके साथ हैं। गृह मंत्री बीजापुर में बासागुड़ा स्थित ब्त्च्थ् के कैंप भी जा सकते हैं।वापसी में शाह रायपुर के अस्पतालों में भर्ती घायल जवानों से मिलेंगे। श्रद्धांजलि के बाद जवानों के शव उनके घरों के लिए रवाना किए जाएंगे। इससे पहले, मुख्यमंत्री बघेल ने असम दौरे से लौटने के बाद कहा था कि यह मुठभेड़ नहीं, युद्ध हुआ है। नक्सलियों की यह अंतिम लड़ाई है। उनकी मांद में घुसकर जवानों ने उन्हें मारा है।बीजापुर में नक्सली हमले में 23 जवानों के शहीद होने की खबर के बाद रविवार को अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर बात की थी। शाह ने पूरी घटना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। सीएम ने सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ की मैदानी स्थिति की जानकारी दी। शाह ने मुख्यमंत्री से कहा कि केंद्र से जो भी मदद की जरूरत होगी वह, राज्य को दी जाएगी। इसके बाद शाह के ब्त्च्थ् के क्ळ कुलदीप सिंह को घटनास्थल जाने के लिए कहा था।

बस्तर के प्ळ सुंदरराज पी ने खुलासा किया है कि शनिवार को हुई मुठभेड़ में नक्सलियों की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली पीएलजीए बटालियन नंबर 1 शामिल थी। यह वही बटालियलन है जिसकी वजह से ताड़मेटला हमले में 76 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। झीरम घाटी का बड़ा हमला भी इसी टीम ने प्लान किया और घटना को अंजाम दिया। सुकमा में होने वाले कई बड़े हमले नक्सलियों की यही टीम करती है। इस बटालियन के नक्सलियों का जमावड़ा शनिवार को जोनागुडा, टेकलगुड़ुम और जीरागांव में था, इसलिए जवानों का दस्ता इन्हें खदेड़ने पहुंचा था। जगदलपुर एयरपोर्ट पर बस्तर प्ळ ने ये बातें मीडिया को बताईं।अब तक इस हमले में डीआरजी, सीआरपीएफ और एसटीएफ के कुल 22 सुरक्षाकर्मियों के शहीद होने की जानकारी सामने आ रही है। सीआरपीएफ सूत्रों के मुताबिक उनका एक जवान राकेश्वर सिंह मुठभेड़ के बाद से ही लापता है। बस्तर आईजी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली है, 16 बड़े नक्सली लीडर घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस के पास इंटेलिजेंस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर बस्तर प्ळ ने बताया कि 3 ट्रैक्टर में नक्सलियों ने अपने घायल साथियों और मारे गए नक्सलियों के शव लादे और भाग गए। ट्रैक्टर में सवार नक्सली जब्बामरका और गोमगुड़ा गांवों की तरफ गए हैं। पुलिस को एक महिला नक्सली का शव इंसास रायफल के साथ मिला है, इसकी पहचान माड़वी वनोजा के तौर पर हुई है।

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