
क्या चेला गुरू को दुमका में दे पायेगा मात
दुमकाः दिशोम गुरू शिबू सोरेन दुमका लेाकसभा क्षेत्र में 10 बार चुनाव लड़े, केवल 2 दो बार ही वह अपने मंजिल को नहीं पा सके। आठ बार जीतकी शिबू सोरेन संसद पहुंचे है। 1980 में दुमका सीट से शिबू पहली बार जीते। वे यहां से 10 बार चुनाव लड़ चुके हैं। आठ जीते और दो हारे। 1984 में कांग्रेस से और 1998 में भाजपा से हारे हैं।
झारखंड की सबसे हॉट सीट। संथाल परगना का केंद्र व प्रदेश की इस उपराजधानी में जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन 11वीं बार मैदान में हैं। झामुमो के इस गढ़ में भाजपा ने कभी गुरुजी के ही शिष्य रहे सुनील सोरेन को तीसरी बार मैदान में उतारा है। उम्मीदवार भले ही सुनील सोरेन हैं, लेकिन प्रतिष्ठा सीएम रघुवर दास की दांव पर लगी हुई है। पांच साल से वे इस सीट पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने में व्यक्तिगत तौर पर लगे हुए हैं। भाजपा हर हाल में यह सीट इस बार झामुमो से छीनना चाहती है। भाजपा के लिए यह सिर्फ एक लोकसभा सीट नहीं है, बल्कि वह गुरुजी को हराकर विपक्ष को बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है। इसलिए यहां दोनों ही दलों के लिए वजूद की लड़ाई बन गई है।
दुमका रू यहां भाजपा पैठ बना रही है। पिछले विस चुनाव में भाजपा की लुईस मरांडी ने झामुमो के हेमंत सोरेन को सीएम रहते 4914 वोटों से हराया था। 2014 के लोस चुनाव में भी इस विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार को 2671 वोटों की लीड मिली थी।
शिकारीपाड़ा में यहां झामुमो व जेवीएम दोनों का अच्छा प्रभाव है। पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो के नलीन सोरेन ने जेवीएम के पारितोष सोरेन को 24501 वोट से हराया। 2014 के लोकसभा चुनाव में जेवीएम को यहां से सबसे अधिक 47865 वोट मिले थे।
जामा में यहां पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो की सीता सोरेन ने भाजपा के सुरेश मुर्मू को 2306 वोट से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में झामुमो को यहां 7953 वोटों की लीड मिली थी। जेवीएम तीसरे नंबर पर रही।
जामताड़ा रू यहां पलायन, स्वास्थ्य व सिंचाई मुख्य मुद्दा है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा के वीरेंद्र मंडल को 9137 वोटों से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में झामुमो को यहां से 20310 वोटों की लीड मिली थी।
नाला में यहां भी पलायन, पानी प्रमुख समस्या है। पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो के रवींद्रनाथ महतो ने भाजपा के सत्यानंद झा को 7015 वोटों से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा को 813 वोटों की लीड मिली थी। जेवीएम तीसरे नंबर पर था।
सारठ में पिछले विस चुनाव में जेवीएम के रणधीर सिंह ने भाजपा के उदयशंकर सिह को 13901 वोट से हराया था। रणधीर सिंह अभी भाजपा में हैं और कृषि मंत्री हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में झामुमो को यहां 2440 वोट की लीड मिली थी। जेवीएम तीसरे नंबर पर था।
इन तमाम समीकरणों के बीच बीजेपी और झामुमो के पक्ष में उसके साथी दलों ने पूरा जेार लगाया है लेकिन अब मतदाताओं के हाथ मंे ग्ेंद है जिसे वो किस तरह से खेलते हैं इसे लेकर बेहद ही रोमंाच की स्थिति है।
