

पटना से संजय सिन्हा की रिपोर्टः-
पटना: लोजपा के केन्द्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को आईना दिखाते हुए बयान देने में संयम दिखाने की नसीहत दी है। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कि उन्हें दिल्ली चुनाव से सीख लेना चाहिए। मैं बांटने वाले बयान का समर्थन नहीं करता हूं। गिरिराज सिंह को विभाजनकारी, अराजकता फैलाने वाले और समाज को बांटने वाले बयान से बचना चाहिए। इस तरह के बयानों का हश्र दिल्ली चुनाव में देख चुके हैं। हमारी सोच सभी को साथ लेकर चलने की है और यही उम्मीद मुझे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से है। चिराग ने कहा कि गिरिराज सिंह की क्या सोच है और वे क्यों इस तरह का बयान दे रहे हैं? जब भी पार्टी के कुछ नेताओं ने इस तरह के बयान दिए हैं, तब-तब शीर्ष नेतृत्व ने इस तरह के बयानों का खंडन किया है। ऐसे बयानों को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। दिल्ली में भी इस तरह के बयानों से नुकसान हुआ और अमित शाह ने भी इसे स्वीकार किया है कि ऐसे बयानों के चलते पार्टी की हार हुई। जदयू ने भी गिरिराज के बयान से किनारा किया है। जेपी नड्डा ने कुछ दिनों पहले गिरिराज को ऐसे बयान नहीं देने की हिदायत दी थी जिसे उन्होंने दरकिनार कर दिया। गिरिराज समाज में द्वेष पैदा करने वाली भाषा बोल रहे हैं जिससे उनको बचना चाहिए। गिरिराज सिंह ने कहा था कि हमारे पूर्वजों से गलती हो गई। मुसलमान भाइयों को 1947 में ही वहां भेज दिया जाना चाहिए था। सिंह के मुताबिक, 1947 के पहले हमारे पूर्वज आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, उसी वक्त मोहम्मद अली जिन्ना इस्लामिक स्टेट की योजना बना रहे थे। गिरिराज का बयान हमेशा सुर्खियों में रहता है और विवादो का दूसरा नाम ही गिरिराज सिंह को माना जाता है।
