
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
जमशेदपुर: जमशेदपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी को लगभग 14 दिनों की कड़ी तलाश के बाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। यह बड़ी सफलता मंगलवार सुबह लगभग 4ः 30 बजे मिली, जब पुलिस ने उन्हें बिहार-झारखंड सीमा के पास मां-बाप की हताश प्रतीक्षा के बीच सुरक्षित खोजा। कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को कदमा-सोनारी लिंक रोड के पास फिल्मी अंदाज में सफेद स्कॉर्पियो से किया गया था, जिसके बाद उनका मोबाइल और कार भी कुछ समय बाद कांदरबेड़ा इलाके में सीसीटीवी फुटेज में पाई गई। घटना के तुरंत बाद बिष्टुपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज कराई गई और कई टीमों ने तकनीकी, फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर तलाश शुरू की।
एसएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीमें लगातार देखते-देखते जांच कर रही थीं और सभी संभावित मार्गों पर सीसीटीवी फुटेज, मोबाईल लोकेशन व क्रू के इंटेलिजेंस इनपुट का विश्लेषण कर रही थीं। पुलिस की कोशिशों का नतीजा सुबह-सुबह सामने आया जब कैरव को हिरासत से मुक्त करके उनके घर पहुंचाया गया।
कैरव के परिवार ने बड़ी मुश्किलों के बीच पुलिस की भूमिका की सराहना की है और उनकी सुरक्षित वापसी पर सामुदायिक राहत की भावना है। क्षेत्रीय लोग व सामाजिक-व्यापारिक संगठनों ने भी पुलिस की तत्परता की प्रशंसा की है, जबकि पुलिस हाई-लेवल जांच जारी रखे हुए है ताकि अपहरण के पीछे के गिरोह और योजनाओं का पर्दाफाश हो सके। घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं भी बढ़ाईं थीं। भाजपा समेत विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर कार्रवाई तेज़ करने का दबाव बनाया था और इसे झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया अहम मुद्दा बताया था। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने व्यवसायी के परिवार से मुलाकात कर उन्हें भाजपा का साथ होने की बात कही थी। वहीं बीजेपी के नेताओं ने जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय का भी घेराव किया था। अब पुलिस अपहर्ताओं की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई को प्राथमिकता दे रही है ताकि ऐसे गंभीर अपराधों पर सख्त संदेश भेजा जा सके।
