जिसने गरीबों के बच्चों को फुटबाॅल के जरिये विदेशों में पहुंचाया, उसे ग्रामीणों ने गांव से निकाला

Jharkhand अपराध खेल झारखण्ड देश

मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-

रांची: जिस व्यक्ति ने गरीबों के बेटियों को फुटबाॅल के जरिये विदेशों में उनकी प्रतिभा को निखारने का मौका दिया उसे कोरोना वायरस के डर के कारण ग्रामीणों ने गांव से बाहर ही निकाल दिया है। फ्रांज गैसलर उस व्यक्त् िका नाम है जिसने रांची की ओरमांझाी के हुटाप गांव की लड़कियों को फुटबाॅल के जरिये पूरी दुनिया में नाम कर दिया। ओरमांझी के हुटुप गांव में युवा नामक संस्था पिछले 10 साल से गरीब लड़कियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दे रही है. अमेरिका के फ्रांज गैसलर की संस्था ने फुटबॉल के माध्यम से यहां की कई गरीब आदिवासी लड़कियों का करियर संवारा है. लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण फ्रांज को अब गांव से बाहर जाना पड़ा. फुटबॉल सीख रही लड़कियों ने फ्रांज को बताया कि उनके परिजनों ने मंगलवार रात कहा कि विदेशी लोगों से कोरोना फैलता है, इसलिए इन्हें यहां से चले जाना चाहिए. इस सूचना के बाद फ्रांज और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति गांव के बाहर ही रहकर रात गुजारी है। इसकी सूचना मिलने पर कल रांची जिला प्रशासन की मदद से फ्रांज, उनकी पत्नी और उनके एक बच्चे की जांच मेदांता अस्पताल में करायी गयी. जांच में कोरोना निगेटिव पाये जाने पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन लोगों को डोरंडा स्थित उनके दोस्त के यहां भेज दिया गया है. फ्रांज ने बताया कि वह जनवरी में अमेरिका से वापस ओरमांझी आये हैं. मंगलवार की शाम को उन्हें गांव की लड़कियों से पता चला कि लोग हमें यहां से बाहर जाने के लिए कह रहे हैं.गांववालों का कहना था कि आप लोग विदेश से आये हैं और विदेश के लोग ही वायरस फैला रहे हैं। मैंने कहा कि ऐसा नहीं है. हम संक्रमित नहीं हैं. फिलहाल अमेरिका जाने के लिए कोई फ्लाइट नहीं है. जब फ्लाइट चलने लगेगी, तो हम वापस अमेरिका चले जायेंगे. इसके बाद हमने किसी तरह गांव के बाहर रहकर रात बितायी और सुबह ही अमेरिकी दूतावास से बात की और मदद मांगी. वहां से कहा गया कि आप कोलकाता स्थित अमेरिकी दूतावास पहुंच जायें. इसके बाद ओरमांझी थाना के लोग सुबह हमारे पास आये और हमें गांव के बाहर से लेकर गये. हम पहले मेदांता अस्पताल गये और वहां अपना टेस्ट कराया. इसके बाद रांची के डोरंडा स्थित एक दोस्त के घर आ गये. अब कोलकाता जाने की तैयारी है। इस घटनाके बाद कारेाना को लेकर दहशत का अंदाजा लगाया जा सकता है और यह घटना भ्रम को भी बढ़ावा देता है इसलिये ऐसी घटनाओं से लोगों को बचना चाहिये। कोरोना वायरस को लकर सर्तकर्ता जरूरी है लेकिन यह अफवाह नहीं फैले कि विदेशियों के केवल संपर्क में आने से फैलता है।संक्रमण से बचने का उपाय ता करना चाहिये लेकिन सामाजिक दूरी के नाम पर भेदभाव न हो इसे लेकर भी हमें ध्यान रखना होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *