मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारखंड में कारेाना मरीजों की संख्या बढ़ने से लोग चिन्तित जरूर है लेकिन उनके लिये राहत की खबर यह है कि झारखंड के सभी जिले रेड जोन से बाहर है। झारखंड में 22 मई 2020 को कुल 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 330 हो गयी है. राज्य में अभी कुल 184 एक्टिव मामले हैं, जिसमें 158 मामले प्रवासियों के हैं. पॉजिटिव पाये जाने वालों में आठ हजारीबाग से, गुमला से सात, तीन रामगढ़ से, तीन चाईबासा से और एक जमशेदपुर से हैं। स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा है कि झारखंड में कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है. रेड जोन के लिए संक्रमितों की संख्या 200 होनी चाहिए, लेकिन झारखंड के किसी भी जिले में संक्रमितों की संख्या 200 तक नहीं पहुंची है. रांची में अभी कुल 19 एक्टिव मामले हैं. रांची में कुल 112 संक्रमित मिले थे, जिनमें 91 ठीक हो चुके हैं और दो लोगों की मौत हो चुकी है.शुक्रवार को राज्य के सरकारी लैब में 1670 सैंपलों की जांच की गयी, जिसमें 15 कोरोना पॉजिटिव पाये गये. वहीं, प्राइवेट लैब में 73 नमूनों की जांच की गयी, इनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला. राज्य में सबसे ज्यादा 44 एक्टिव मामले अभी गढ़वा में हैं. वहीं, हजारीबाग में 38 एक्टिव मामले हैं. राज्य के 24 जिलों में 21 जिलों में कोरोना का संकमण पहुंच चुका है.स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि झारखंड में एक भी जिला अभी रेड जोन में नहीं है. भारत सरकार के नये गाइडलाइन के अनुरूप किसी जिले में 200 से अधिक केस मिलने पर उसे रेड जोन माना जाता है. झारखंड के किसी जिले में इतनी अधिक संख्या में मरीज नहीं मिले हैं. झारखंड के तीन जिले खूंटी, साहेबगंज और पाकुड़ अभी ग्रीन जोन में हैं. शेष 21 जिले ऑरेंज जोन में हैं. डॉ कुलकर्णी ने यह बात प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही।
कुलकर्णी ने बताया कि राज्य में अभी तक 136 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज किये जा चुके हैं, तीन की मृत्यु हो गयी है. सरकार की ओर से अब तक राज्य में 42 हजार 245 टेस्ट किये गये हैं. इनमें सरकार द्वारा स्थापित लैब में 40 हजार 280 टेस्ट हुए हैं. जबकि एक हजार 965 टेस्ट निजी लैब में किये गये हैं. जिसमें राज्य में रिकवरी रेट 44.2 प्रतिशत है. राज्य में अभी मृत्यु दर 0.97 प्रतिशत है। कोराना को लेकर राज्य पूरी तरह से सतर्क है।
