
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह यह चुनाव पूरी गंभीरता, मजबूती और जमीनी तैयारी के साथ लड़ेगी। राजद नेतृत्व ने साफ शब्दों में कहा है कि नगर निकाय चुनाव केवल सत्ता या पद का सवाल नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, लोकतांत्रिक मूल्यों और आम जनता के हितों की रक्षा की लड़ाई है।बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव ने मुखर संवाद से से बातचीत में कहा कि भले ही निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों, लेकिन सभी दल अप्रत्यक्ष रूप से इसमें भाग ले रहे हैं। राजद भी अपने योग्य उम्मीदवारों को समर्थन देगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि साम्प्रदायिक ताकतों की जीत न हो। राजद कोटे से हेमंत सरकार में श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बैठक में े कहा कि महागठबंधन के अन्य दलों के योग्य और मजबूत उम्मीदवारों को हर संभव मदद की जाएगी, ताकि भाजपा-समर्थित या साम्प्रदायिक सद्भाव के खिलाफ काम करने वाले उम्मीदवार पराजित हो सकें।
https://www.facebook.com/share/v/1EpKcLAWuh/
श्रम मंत्री ने आगे कहा कि पूरे राज्य में महागठबंधन की लहर चल रही है। इस लहर का लाभ उठाकर जहां भी साम्प्रदायिक शक्तियों के समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ कोई मजबूत प्रत्याशी होगा, राजद के नेता-कार्यकर्ता उसे जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुटेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड की सामाजिक संरचना विविधताओं से भरी है, जहां आपसी भाईचारा और साम्प्रदायिक सद्भाव राज्य की सबसे बड़ी ताकत रही है। ऐसे में कुछ ताकतें चुनाव के समय समाज को बांटने और तनाव फैलाने की कोशिश करती हैं, जिसे राजद किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगा। पार्टी ने दो टूक कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर करारा जवाब दिया जाएगा।
राजद के प्रदेश नेतृत्व ने बताया कि नगर निकाय चुनावों के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। सभी जिलों में कार्यकर्ताओं की बैठकें, जनसंवाद कार्यक्रम और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा तेज कर दी गई है। पार्टी का फोकस शहरी क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं जैसे स्वच्छता, पेयजल, जलनिकासी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसरों पर रहेगा।
पार्टी ने यह भी कहा कि वह समाज के सभी वर्गोंकृपिछड़े, अति पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और शहरी गरीबकृको साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी। राजद का मानना है कि नगर निकायों की मजबूती से ही लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होती हैं और आम लोगों की भागीदारी शासन में बढ़ती है। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में नगर निकायों की उपेक्षा हुई है और शहरी विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं की गईं। पार्टी ने वादा किया कि अगर उसे जनता का समर्थन मिला तो नगर निकायों को अधिक अधिकार, संसाधन और पारदर्शी व्यवस्था दी जाएगी, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
अंत में पार्टी ने आम जनता से अपील की कि वे नफरत और विभाजन की राजनीति से सावधान रहें और विकास, भाईचारे व सामाजिक न्याय के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करें। राजद ने भरोसा जताया कि झारखंड की जनता साम्प्रदायिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सही फैसला करेगी।
