
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्ट-
खूंटी: झारखंड में कब क्या हो जाये कोई कह नहीं सकता! प्रदेश में अपराधियों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा को अज्ञात लोगों ने फोन पर धमकाया है। 80 वर्षीय पद्मभूषण सम्मानित आदिवासी नेता से खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले शख्स ने न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी. यह कॉल कड़िया मुंडा के निजी सहायक डॉ. निर्मल सिंह के मोबाइल पर आया, जिसमें कॉलर ने दबाव बनाते हुए रंगदारी की मांग की। कड़िया मुंडा इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से परेशान हैं. ऐसे में लगातार आ रहे धमकी भरे फोन कॉल्स से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहे कड़िया मुंडा को पहली बार इस तरह की आपराधिक धमकी का सामना करना पड़ा है। मामले को गंभीर बताते हुए डॉ. निर्मल सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और झारखंड पुलिस को टैग कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डॉ. निर्मल सिंह की लिखित शिकायत के आधार पर रांची साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे किसी संगठित साइबर गिरोह का हाथ तो नहीं, जो वीआईपी और प्रभावशाली लोगों को निशाना बना रहा हो।
