

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ल को झारखंड से बाहर निकलकर अब राष्ट्रीय फलक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में स्थान मिलना योग्यता की पूछ बढ़ाने का सशक्त उदाहरण है।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 67वां राष्ट्रीय अधिवेशन 24, 25 और 26 दिसंबर को जबलपुर में विधिवत सम्पन्न हो गया। इसमें देश भर से 800 से ज्यादा छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए।
अधिवेशन में सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पारित हुए। इनमें शैक्षिक परिदृश्य , शिक्षा की पवित्रता की रक्षा के लिए शिक्षा समुदाय आगे आएं, देश का वर्तमान परिदृश्य, खेल को परिसर गतिविधियों में प्राथमिकता मिलना चाहिए भी शामिल हैं। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में डॉ. छगनभाई पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा निधि त्रिपाठी राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में निर्वाचित हुए। झारखंड प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री डॉ.याज्ञवल्क्य शुक्ल को मध्य-पूर्वी क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री का दायित्व मिला तथा इनका केन्द्र पटना रहेगा। डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ल गढ़वा जिले के बिशुनपुरा प्रखंड के दर्जिया गांव के रहने वाले हैं। विदित हो कि डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ल ने 2014 से लगातार झारखण्ड विद्यार्थी परिषद के प्रान्त संगठन मन्त्री के दायित्व का सफल निर्वहन किया है।
झारखंड प्रांत के निवर्तमान धनबाद के विभाग संगठन मंत्री राजीव रंजन को प्रदेश संगठन मंत्री का नया दायित्व दिया गया है। राजीव रंजन गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड के कर्मा गांव के रहने वाले हैं। क्षेत्रीय संगठन मंत्री निखिल रंजन जी को मध्य-पूर्वी क्षेत्र के पुनः क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाया गया है तथा इनका केन्द्र राँची रहेगा। डॉ. पंकज कुमार, प्रो.कमलेश कुमार कमलेन्दु, विनीत पांडेय,रोमा तिर्की, बबन बैठा, संजय मेहता, प्रताप सिंह राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बनाए गए। झारखंड प्रदेश के परिषद कार्यकर्ताओं ने खुशी एवं हर्ष व्यक्त करते हुए सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ दी है।
