

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
चतरा: राज्य के पर्यटन विभाग मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने चतरा जिला के इटखोरी प्रखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध माँ भद्रकाली मंदिर परिसर में तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव का पूर्व मंत्री सत्यानन्द भोगता के गरिमामयी उपस्थिति में माँ की पूजा अर्चना कर एवं दीप प्रज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। कार्यक्रम को मंत्रीसुदिव्य कुमार एवं पूर्व मंत्री श्री भोगता सम्बोधित कर सभी को महोत्सव की बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं दी। उक्त कार्यक्रम में उपायुक्त रमेश घोलप, पुलिस अधीक्षक विकास पांडेय, जिलापरिषद अध्यक्ष ममता कुमारी, जिलापरिषद उपाध्यक्ष ब्रजकिशोर तिवारी, राष्ट्रीय जनता दल प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रश्मि प्रकाश, सिमरिया विधानसभा पूर्व प्रत्याशी मनोज चंद्रा, राष्ट्रीय जनता दल जिलाध्यक्ष नवलकिशोर यादव, बौद्ध जैन धर्मावलंबी गुरु समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। मौके पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर पवित्र धार्मिक स्थल है। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। मंदिर का समुचित विकास हो, इसके लिये काम करूंगा। अगले वर्ष से महोत्सव का वृहत पैमाने पर भव्य आगाज होगा, जिसका प्रचार-प्रसार झारखंड के अलावा बोधगया व दिल्ली में होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास में जिला प्रशासन जो सहयोग मांगेगा, उसे पूरा करूंगा। मां भद्रकाली महोत्सव मंच पर हिंदुस्तान की परिकल्पना का धार्मिक संगम एक साथ देखने को मिली।
राज्य के पूर्व श्रम मंत्री सत्यानंद भोगता ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर की पहचान अब देश के साथ विदेशों में होने लगी है। महोत्सव के माध्यम से मां भद्रकाली मंदिर की पहचान बढ़ी है. चतरा पर्यटन के क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है. भद्रकाली के साथ चतरा जिले के धार्मिक स्थल के समुचित विकास के लिये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गंभीर हैं. मुख्यमंत्री राज्यवासियों के सपने को साकार कर रहें हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों तक मुहैया करायी जा रही है। उपायुक्त रमेश घोलप ने कहा कि वर्ष 2015 में महोत्सव की नींव रखी गयी थी। महोत्सव के माध्यम से यहां के सांस्कृतिक धार्मिक धरोहर स्थल को विकसित करने के साथ विविधता को पहचान दिलाना मुख्य कदम है। यह गर्व का पल है कि मां भद्रकाली मंदिर आस्था का केंद्र है। यह स्थल पवित्र है। त्रिवेणी स्थल के रूप में विख्यात मां भद्रकाली मंदिर पर्यटन के क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित हो रहा है। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य यहां के धार्मिक स्थल को बढ़ावा देना है. महोत्सव भव्य होगा. चतरा विकास के पथ पर लगातार अग्रसर है।
