तेजस्वी पर कांग्रेस के बाद वीआईपी पार्टी बढ़ा रही है दबाव, अधिक सीटों के साथ मुकेश सहनी में उपमुख्यमंत्री पद की दावेदारी

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मुखर संवाद के लिये मनोहर यादव की रिपोर्टः-
पटना: महागठबंधन में एक के बाद एक पार्टी का राजद के नेता तेजस्वी यादव पर दबाव डाल रहे हैं ताकि उनको अधिक से अधिक सीटें हासिल कर लें। तेजस्वरी यादव के उपर पहले कांग्रेस पार्टी 90 सीटों की दावेदारी करते हुए सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की डपोरशंखी घोषणा कर रही थी। वहीं अब नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रहीं हैं। वीआइपी अध्यक्ष मुकेश साहनी ने पटना में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव तथा दिल्ली में कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है। चुनौती सीटों के बंटवारे में सभी को साथ लेकर चलने के साथ अपनी बढ़त बनाए रखने की भी है। इस बीच गठबंधन के बड़े घटक दल कांग्रेस ने आंख दिखाने शुरू कर दिए हैं तो एक और घटक दल विकासशील इनसान पार्टी ने उपमुख्यमंत्री पद पर दावा ठोक दिया है। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। मुकेश सहनी ने दोनों नेताओं से सीट शेयरिंग के मामले को लेकर मुलाकात की। इसी दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद पर दावा की बात भी रखी। वीआइपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पार्टी ने 25 सीटों की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन से जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के जाने के बाद पार्टियां कम हो गई हैं, इसलिए उनकी 25 सीटों की मांग व उपमुख्यमंत्री पद पर दावेदारी का मजबूत आधार है।इस बीच कांग्रेस ने भी तेवर दिखाए हैं। कांग्रेस ने सम्मानजनक सीटों की मांग रखते हुए चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ सकती है। बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय ने सम्मानजनक सीटों को लेकर अपवनी बात कही। बिहार में दीपावली व दुर्गा पूजा के बीच तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है, लेकिन दोनों मुख्य गठबंधनों में सीट शेयरिंग की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इससे दोनों तरफ घटक दलों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। महागठबंधन की बात करें तो बताया जा रहा है कि वहां सीट शेयरिंग का फॉमूला तैयार है, इसकी घोषणा सितंबर में ही कर दिए जाने की संभावना है। वहीं मुकेश सहनी और कांग्रेस के दबाव के बीच तेजस्वी यादव की ओर से लागातार यह कहा जा रहा है कि उनको गठबंधन की नहीं बल्कि बिहार की जनता की चिन्ता है।

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