
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: 2026 झारखंड के लिए केवल एक नये वर्श का बदलाव नहीं, बल्कि मूल सुविधाओं में बड़े क्रांतिकारी परिवर्तन का वर्ष साबित होने जा रहा है। परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रमुख क्षेत्रों में प्रस्तावित योजनाएं अब झारखंड की सरजमीं पर उतरती दिखाई देंगी। राजधानी रांची की नई तस्वीर न केवल स्थानीय लोगों के जीवन आसान बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को भी नई गति प्रदान करेगी।
इस वर्ष रांची के रेल यात्रियों को तीन नई ट्रेनों की सौगात मिलने की प्रबल संभावना है। लंबे समय से मांग की जा रही रांची-लखनऊ, रांची-जयपुर और रांची-अहमदाबाद रेल सेवाओं के प्रस्ताव को केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं। लखनऊ और जयपुर के लिए प्रस्तावित ट्रेनें पलामू और अयोध्या के रास्ते चल सकती हैं, जिससे झारखंड के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी सुविधा होगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा और राजस्थान, गुजरात व उत्तर प्रदेश के साथ झारखंड का सामाजिक-आर्थिक जुड़ाव और मजबूत होगा। रांची की सड़कों पर दौड़ती मेट्रो अब महज एक कल्पना नहीं रह गई है। रांची की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम का समाधान अब फ्लाईओवर और आउटर रिंग रोड के रूप में सामने आ रहा है। आउटर रिंग रोड परियोजना, जिसके लिए करीब 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, भारी वाहनों को शहर के बाहर ही डायवर्ट कर देगी। वहीं शहर में करमटोली,अरगोड़ा और हरमू जैसे प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवरों का जाल बिछ रहा है। रातू रोड फ्लाईओवर के सफल संचालन के बाद अब अन्य छोटे-बड़े कनेक्टिंग फ्लाईओवरों और जुमार नदी के पास नए पुलों के निर्माण से शहर की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो प्रोजेक्ट को दी गई सैद्धांतिक सहमति ने इसे धरातल पर उतारने की राह साफ कर दी है। प्रस्तावित रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शहर के सबसे व्यस्त इलाकों जैसे मेन रोड, डोरंडा और हटिया को जोड़ते हुए स्मार्ट सिटी और रिंग रोड तक पहुंचेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रांची एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। राजधानी में आईआईटी की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से वार्ता तेज कर दी है। इसके शुरू होने से झारखंड के मेधावी छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छात्राओं के नामांकन का फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अब राज्य की बेटियां भी उसी विश्वस्तरीय शैक्षणिक परिवेश में पढ़ सकेंगी, जिसने देश को अनगिनत आईएएस और आईपीएस अधिकारी दिए हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड 2026 में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। रांची के कांके में 110 एकड़ भूमि पर रिम्स टू का निर्माण स्वास्थ्य जगत की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। इस 700 बेड वाले अस्पताल में न्यूरोलॉजीऔर नेफ्रोलॉजी जैसे विशेष विभाग होंगे, जहां जटिल सर्जरी संभव होगी। इसके साथ ही, सदर अस्पताल में शुरू होने वाली पहली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट ब्लड कैंसर और थैलेसीमिया के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। आयुष्मान कार्ड के जरिए यह महंगा इलाज गरीबों को मुफ्त मिलेगा। ब्राम्बे में बनने वाली पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी राज्य के चिकित्सा संस्थानों की निगरानी और शोध कार्यों को एक नया मंच प्रदान करेगी। झारखंड में नये सुविधाओं के जरिये बेहद ही प्रभावी ढ़ंग से कार्य योजना चलाने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।
