नीतिश मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भाजपा में बवंडर, भाजपा पर सवर्णो की उपेक्षा का आरोप लगाया भाजपा विधायक ज्ञानेन्दू ने

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मुखर संवाद के लिये श्याम यादव की रिपोर्टः-
पटना: नीतिश कुमार के मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर विपक्षी दलों ने नहीं बल्कि भाजपा विधायक ने ही मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा के विधायक ज्ञानेन्दू कुार ज्ञानू ने भाजपा के नेताओं पर सवर्णा की उपेक्षा का आरोप लगाया है। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है. सरकार गठन के 84 दिनों बाद बुधवार को नीतीश सरकार के 17 नए चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली. इन नए चेहरों के साथ ही बिहार सरकार की कैबिनेट में अब कुल 31 मंत्री हो चुके हैं. भाजपा कोटे से नौ और जदयू कोटे से आठ लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रियों को उनके विभाग का बंटवारा भी कर दिया गया है।बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा में जमकर घमासान हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट के पहले विस्तार में जगह नहीं मिलने से भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू खफा हैं। डिप्टी सीएम पद पर सवर्णों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। कहा है कि भाजपा ने दो-दो उप मुख्यमंत्री बनाया लेकिन सवर्ण समाज को एक भी पद नहीं दिया। उन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। ज्ञानू ने पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी है। भाजपा पर राजपूत और सवर्ण समाज के साथ वरिष्ठ विधायकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। ज्ञानू ने अपने साथ 15 विधायकों के होने का दावा किया है। कहा कि समय आने पर फैसला करेंगे। भाजपा गंभीर परिणाम भुगतेगी। वहीं ज्ञानू ने भाजपा पर यादवों और बनियों की र्पाअी होने का आरोप भी जड़ दिया जबकि मंत्रिमंडल विस्तार में यादवों को कोई तवज्जों नहीं दिया गया है।

बिहार की राजनीति में भाजपा की तरफ से पहली बार किसी मुस्लिम या अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को मंत्री बनाया गया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को केंद्रीय राजनीति यानी दिल्ली से बुलाकर अचानक यहां बिहार में एमएलसी बनाया गया. भाजपा ने इस नये समीकरण के साथ ही कई तरह के संदेश देने की कोशिश की है. राजद के एमवाय समीकरण में बड़ी सेंधमारी की भी इसे शुरुआत समझी जा रही है. इसके अलावा बिहार में करीब 14 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. खासकर सूबे के सीमांचल क्षेत्र के छह-सात जिले में इनकी बहुलता है.नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार में चार ऐसे नेताओं को भी मंत्री पथ की शपथ दिलायी गयी है. जो पहले से कभी ना कभी मंत्री रहे हैं. इसमें सबसे पहला नाम सम्राट चैधरी का है. सम्राट चैधरी वर्ष 1999 में कृषि मंत्री रह चुके है. इसके साथ ही वो एनडीए की गठबंधन वाली सरकार में वर्ष 2014 में नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री भी रहे थे. दूसरा नाम श्रवण कुमार का है. श्रवण कुमार एनडीए की पिछली सरकार में जदयू कोटे से मंत्री थे. अब उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा संजय झा को भी जदयू कोटे से दोबारा मंत्री बनाया गया है. संजय झा पूर्व में जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. चैथा नाम लेसी सिंह का है. लेसी सिंह पिछली नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री थी.

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