
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण जेटली की हालत अत्यंत ही चिन्ताजनक, लाईफ सपोर्ट पर रखे गये जेटली नयी दिल्ली: बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (66) की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। जेटली को 9 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। लंबे समय से बीमार चल रहे जेटली से एम्स में मिलने वालों का सिलसिला जारी है। आज सुबह केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह और बीएसपी चीफ मायावती भी जेटली का हालचाल जानने एम्स गए। 10 अगस्त के बाद से जेटली की हेल्थ को लेकर कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जेटली के फेफड़ों में पानी जमा हो रहा है और डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है। बीमार जेटली को देखने बीएसपी चीफ मायावती और पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा भी एम्स पहुंचे। माया ने ट्वीट कर कहा, पूर्व केंद्रीय वित्त एवं रक्षा मंत्री तथा बीजेपी के वरिष्ठ नेता श्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य का हालचाल लेने आज नई दिल्ली के एम्स अस्पताल गई। वहां उनके परिवार के लोगों आदि से मिलकर उन्हें दिलासा दिलाने के साथ-साथ कुदरत से प्रार्थना भी है कि वह श्री जेटली को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।श् शनिवार सुबह केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह जेटली से मिलने एम्स पहुंचे। शुक्रवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी अरुण जेटली का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे थे। शाह एक घंटे से अधिक समय तक एम्स में मौजूद रहे। इससे पहले शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तो शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अरुण जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि शाह आज फिर जेटली का हाल जानने एम्स जा सकते हैं। जेटली को सॉफ्ट टिशू सरकोमा है, जो एक प्रकार का कैंसर होता है। जेटली पहले से डायबिटीज के मरीज हैं। उनका किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है। सॉफ्ट टिशू कैंसर की भी बीमारी का पता चलने के बाद वह इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे। उन्होंने मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी भी करा रखी है। दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र नेता के रूप में राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्रालय संभालने वाले जेटली स्वास्थ्य कारणों से मोदी-2 सरकार में शामिल नहीं हुए। जेटली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री थे।
