
रिपोर्टः – अशोक कुमार
रांची: झामुमो पिछले एक महीने से झारखंड में बदलाव के लिये यात्रा करने के बाद राजधानी रांची में बदलाव महा रैली का आयोजन करके राजधानी रांची में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का भरपूर प्रयास किया जिसमें झामुमो के नेताओं ने मेहनत भी की लेकिन इन्द्रदेव के कोप से झामुमो नहीं बच पाया और बदलाव रैली में आनेवाले लोगों में उत्साह तो दिखा लेकिन ऐन मौके पर इन्द्रदेव की नाराजगी झामुमो के बदलाव रैली पर भारी पड़ गयी। राजधानी रांची के हरमू मैदान में आज उस मूसलाधार बारिस को लोगों ने देखा जो सावन के महीने में भी नहीं देखने को मिला था। नतीजा यह हुआ कि झामुमो के समर्थक भंगते रहे और नेता मंच पर लगे पंडाल में बारिस से बचने के लिये मसक्कत करते दिखें। झामुमो ने उम्मीद के अनुरूप ही भीड़ जुटायी लेकिन बारिश ने रंग में भंग डाल दिया जिससे झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन और अध्यक्ष शिूब सोरेन को अपना भाषण भी संक्षिप्त में ही देना पड़ा। नेताअेां की जो फितरत होती है उसे झामुमो के नेताओं ने भी कायम रखा। खुद को धूप और पानी से बचाने के लिये झामुमो के नेताओं ने वाटर प्रूफ पंडाल बनवाया लेकिन झामुमो के समर्थकों को खुले मैदान में भगवान भरोसे छोड़ दिया जिसके कारण झामुमो समर्थक नेताओं के भाषण को कम सुना और बारिश से बचने की मशक्कत करते अधिक दिखे। नेताओं की फितरत के अनुसार ही झामुमो के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को आर्शिवाद प्राप्त हुआ। इन्द्र देव भी कहां कार्यकर्ताओं को बख्शने के मूड में थे। नेताओं की उपेक्षा के साथ ही इन्द्रेव की भी नाराजगी भी साफ रूप् से झलकी। बारिश के बीच कार्यकर्ताओं को संबेाधित करते हुए झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य की अहंकारी रघुवर सरकार से जनता पूरी तरह त्रस्त है। राज्य सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आयी है। जनता को उनका अधिकार दिये जाने के बदले लाठी और डंडे से पिटायी की जा रही है। आंगनबाड़ी सेविका, सहायिकाओं पर लाठी चार्च किया जा रहा है। युवा, किसान सभी परेशान हैं। सरकार पूरी तरह लूटने में लगी है। बैंकों के पैसे लूटे जा रहे हैं, रैयतों की जमीन लूटी जा रही है। घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। यह परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी कारण अब राज्य की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने नारा दिया कि खाली करो सिंहासन, जनता आती रही है। पिछले एक महीने से जारी पार्टी की बदलाव यात्रा के बाद हेमंत सोरेन शनिवार को यहां हरमू मैदान में आयोजित बदलाव महारैली को संबोधित कर रहे थे। हालांकि भारी बारिश के कारण झामुमो की यह महारैली बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गयी। हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह लूट में व्यस्त है। उनके पास प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सहित राज्य के चार बड़े अधिकारियों ने 18 लाख रुपए के फर्जी बिल पर विदेश भ्रमण किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाह ब्रदर्श मामले में भी विभागीय सचिव की अनुशंसा के विपरीत मुख्यमंत्री ने फैसला लेने का काम किया। इस कारण अरबों रुपए की सरकार को हानि हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आज छत्तीसगढ़ में हजारों एकड़ जमीन कौन खरीद रहा है, यह जांच का विषय है। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष शिबू सोरेन ने कहा-भाइयों एवं बहनों आप भी भींग रहे हैं, हम भी भींग रहे हैं। भाषण सुनने का अच्छा मौका बर्बाद हो रहा है। झारखंड में हमलोग पैदा हुए यह सौभाग्य की बात है लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हुआ यह दुर्भाग्य की बात है। हमारा गांव, गरीब आज भी पिछड़ा है। पढ़ाई पर हमें जोर देना चाहिए। पढ़ाई के बिना हम विकसित नहीं हो सकते। झारखंड का विकास नहीं हो सकता। झामुमो की सरकार बनने पर पार्टी ऐसा कानून लाएगी कि झारखंडियों की जमीन कोई नहीं छीन सकता। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। झारखंड से खनिज संसाधन लेनेवाले राज्यों को उसी अनुरूप बिजली व अन्य संसाधन देने होंगे। डीवीसी पर निर्भरता कम की जाएगी। गावों के उपभोक्ता को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। पहले चरण में सरकार पांच लाख लोगों को रोजगार देगी। 25 करोड़ तक की ठेकेदारी झारखंडी युवकों को ही दी जाएगी। प्राइवेट कंपनियों को यहां के 75 फीसदी लोगों को नौकरी देनी होगी। प्रखंड स्तर पर बनने वाली झामुमो की सरकार बड़े अस्पताल खुलवाएगी। एसटी को 28, ओबीसी को 27 और एससी को 12 फीसदी आरक्षण दी जाएगी। किसानों के लिए किसान और महिलाओं के लिए महिला बैंक खोले जाएंगे। झामुमो की बदलाव महारैली के दौरान आजसू पार्टी के विधायक विकास सिंह मुंडा झामुमो में शामिल हो गये। शिबू सोरेन ने उन्हें माला पहना कर झामुमो में आने का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में झारखंडी अस्मिता के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उससे निजात का समय आ गया है। उन्होंने आजसू पर भी तंज कसा और कहा कि सिल्ली को दिल्ली बनानेवालों की अब झारखंड में जगह नहीं रहा। कुल मिलाकर कहें तो झामुमो की बदलाव रैली के दौरान इन्द्रदेव के प्रकोप के कारण बदलाव रैली को वह सफलता हाथ नहीं लगी जिसकी हकदार झामुमो के नेता और कार्यकर्ता थे। रांची के खराब मौसम ने झामुमो नेताओं के कार्यो को धो डाला। फिर भ्ज्ञी रांची के हरमू मैदान में जिसे संदेश को हेमंत सोरेन देना चाहते थे वह देने की कोशिश करने में सफल हो गये जिसके कारण रांचरी की सड़कें कई घंटे तक अस्त व्यस्त रहीं। लेकिन भारी बारिश के कारण झामुमो की पूर्व रैलियों की तरह कार्यकर्ताओं के उत्साह को चरम पर नहीं ले जा सका। क्योंकि बारिश के मौसम में सभी को कुछ फीका ही लगता है।
