
धनबाद: भाजपा विधायक ढ़िल्लू महतो पर यौन शोषण के गवाह के साथ मारपभ्अ करने का आरोप लगा है। भाजपा के नेता विनय सिंह के साथ मारपीट कराने का आरोप लग रहा है। ढ़िल्लू महतो पर झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के वावजूद भरी एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर पुलिस प्रशासन पर दुहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया जा रहा है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विनय कुमार सिंह पर बुधवार की सुबह लगभग आठ बजे चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। विनय धनबाद-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार थे। बोकारो से ट्रेन खुलते ही हमलावर उन पर टूट पड़े। पिटाई करने के बाद सभी राधागांव स्टेशन में चलती ट्रेन से उतर गए। घायल विनय रांची पहुंचे। वहां रेल थाना में खुद पर हुए हमले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। घटनास्थल बोकारो रेल थाना के अधीन होने के कारण रांची जीआरपी लिखित शिकायत वहां भेजेगी। घायल विनय रांची रिम्स में भर्ती हैं। शिकायत में विनय ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनसे बाघमारा विधायक के खिलाफ केस उठवाने के लिए पहले जान से मारने की धमकी दी फिर उनकी िपटाई की। पीड़ित भाजपा नेता के मुंह, दांत, जबड़े और सिर पर काफी चोटें आईं हैं। आरोप है कि भाजपा नेता पर हमला करने वालों में कतरास सलानपुर के धर्मेंद्र गुप्ता और सोनू चैहान के साथ अन्य थे। बता दें कि बाघमारा विधायक पर यौन शोषण की ऑनलाइन कंप्लेन करने वाले प्रकरण में वे गवाह के साथ वादी की पैरवीकार भी हैं। लिखित शिकायत में विनय कुमार सिंह ने बताया कि सुबह छह बजे रांची इंटरसिटी पकड़ने वे कतरास स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पर उन्होंने धर्मेंद्र गुप्ता और सोनू चैहान को देखा, जो मोबाइल पर उनके बारे में किसी को कोई सूचना दे रहे थे। बाद में जब ट्रेन बोकारो पहुंची, तो ट्रेन में पांच लोग चढ़े। बोकारो से ट्रेन खुलते ही सभी ने उन पर हमला बोल दिया। विनय सिंह ने आवेदन में बताया कि वे रांची हाइकोर्ट जाने के लिए घर से निकले थे। वहां उन्हें अपने वकील राजीव कुमार से मिलना था। वहीं भास्कर से बातचीत में विनय ने कहा कि यौन शोषण के केस में गवाह व पैरवीकार होने के कारण पर उन पर हमला किया किया गया। इससे पूर्व भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका था। उस मामले में रामकनाली ओपी में दर्ज केस में वही धर्मेंद्र गुप्ता व सोनू चैहान ही अभियुक्त हैं।
