
रांची: झारखंड विकास मोर्चा का अभी विधिवत भाजपा में अभी विलय नहीं हुआ और ना ही बाबूलाल मरांडी ने भाजपा की सदस्यता ली लेकिन उसके पहले ही भाजपाइयों की पद लोलुपता जगजाहिर हो रही है । भाजपा में कई पुराने नेता बाबूलाल के संपर्क में बताए जा रहे हैं और बाबूलाल के नजदीकी लोगों से संपर्क साध कर वह पद पाने की जुगाड़ में लगे हुए हैं। बाबूलाल मरांडी के सचिव राजेंद्र तिवारी के संपर्क में भाजपा के कई बड़े नेता जो संगठन में कई वर्षों से महत्वपूर्ण पदों पर काबीज रहे हैं वह संपर्क में बताए जा रहे हैं और बाबूलाल मरांडी के पास ताकत से गुहार लगा रहे हैं कि उनको पद देने से भाजपा और मजबूत होगी । भाजपाइयों की पद लोलुपता की तो हद हो गई फिलहाल एक व्यक्ति जो पार्टी के महत्वपूर्ण पद पर है वह फिर से पार्टी में अपने महत्वपूर्ण पद को बरकरार रखने के लिए बाबूलाल के नजदीकियों के पास सिफारिशें तक करवा रहा है।
झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी भले ही भाजपा में औपचारिक तौर पर अभी शामिल नहीं हुए हैैं, लेकिन पहले से संगठन में जमे और प्रभावी नेताओं ने उनसे संपर्क की कवायद तेज कर दी है। वे जहां उनके करीबियों से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं, वहीं खुद के लिए एक अदद अच्छे पद की चाहत भी बता रहे हैं। वहीं, किसी न किसी वजह से हाशिये पर चल रहे नेताओं ने भी अपनी बातें बाबूलाल कैंप तक पहुंचाने की कोशिश की है। इनकी दलील यह है कि उन्हें लंबे अर्से तक उपेक्षित रखा गया। अगर उन्हें मौका मिला तो वे बेहतर परिणाम दे सकेंगे। तेजी से होने वाले बदलाव की आहट ने पुराने भाजपाइयों को इस कदर सक्रिय कर दिया है कि वे किसी तरह बाबूलाल के गुड बुक में आने को बेकरार हैं। इसमें कई ऐसे नेता भी हैं, जो बाबूलाल मरांडी के साथ शुरुआती दिनों में भाजपा छोड़कर गए थे। बाद में उन्होंने वहां बेहतर संभावना नहीं देखते हुए वापसी कर ली थी। ऐसे लोग भी पुराने संबंधों की दुहाई देते नहीं थक रहे हैैं। इस जमात ने बाबूलाल मरांडी के करीबी नेताओं से संपर्क में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस घटना को देखते हुए एक फिल्मी लाइन याद आ रहा है, हद कर दी आपने हद कर दी आपने।
