
रिपोर्टः- अशोक कुमार
रांची: बिहार के किसनगंज उपचुनाव में एआईएमआईएम को मिली जीत के बाद झारखंड में भी उत्साहित होकर अपनी राजनीतिक जमीं तैयार करने में जुट गयी है। आश्चर्य की बात यह है कि कांग्रेस की जड़ों को कमजोर करने के लिये एआईएमआईएम ने कांग्रेस के घर को ही झारखंड में चुना है। एआईएमआईएम की बागडोर झारखंड में कांग्रेस के पूर्व मंत्री और धनबाद से विधायक रहे मन्नान मल्लिक के पुत्र हुबान मल्लिक ही कांग्रेस की जजड़ों में मट्ठा डालने को तैयार बैठे हैं। बिहार विधानसभा उप चुनाव के दौरान किशनगंज सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रत्याशी की जीत से झारखंड की राजनीति में भी सनसनाहट है। झारखंड में पांव पसारने की तैयारी में एआईएमआईएम के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है।प्रदेश अध्यक्ष हुबान मल्लिक ने दो दर्जन से अधिक सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करने की घोषणा की है। साथ ही यह भी दावा किया है कि झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम आने बाद एआईएमआईएम की सफलता को देखकर राजनीतिक पंडित भी चैंक जाएंगे। सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने झारखंड में अपनी पार्टी की कमान हुबान मल्लिक को सौंप रखा है। झारखंड विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी का माहौल बनाने के लिए ओवैसी 24 सितंबर को राजधानी रांची में सभा भी कर चुके हैं। हुबान मल्लिक झारखंड में एआईएमआईएम के अध्यक्ष हैं। मल्लिक झारखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के बेटे हैं। कांग्रेसी नेता के बेटे झारखंड में ओवैसी की पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी झारखंड में समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती है। कांग्रेस, झामुमो, झाविमो और वामपंथी पार्टियों से संपर्क साधा जा रहा है। अगर कांग्रेस और झामुमो ने गंभीरता से नहीं लिया तो वामपंथी और छोटी-छोटी पार्टियों से गठबंधन की पुरजोर कोशिश की जाएगी। बात नहीं बनी तो 25 से 35 सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करेंगे। दो दर्जन सीटों को चिह्नित किया जा चुका है। इनमें प्रमुख हैं-सिंदरी, जामताड़ा, रांची, कांके, हटिया, महागामा, राजमहल, पाकुड़, लिट्टीपाड़ा, बरहेट, बोरियो, महेशपुर, बरकट्ठा, जमशेदपुर पश्चिम, मधुपुर, देवघर, देवघर, सारठ, गांडेय, लातेहार, सिमरिया, पांकी, हजारीबाग। हुबान मल्लिक के पिता मन्नान मल्लिक ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 2014 का विधानसभा चुनाव धनबाद से लड़ा है। हालांकि मल्लिक को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री मल्लिक एक बार फिर धनबाद से कांग्रेस के टिकट के मजबूत दावेदार हैं। वैसे गांडेय, राजमहल और पाकुड़ से चुनाव लड़ने के लिए कार्यकर्ताओं का प्रस्ताव आ रहा है। झारखंड में राजनीति में क्या क्या हो सकता है इसकी पहचान मन्नान मल्लिक और उनके पुत्र हुबान मल्लिक झारखंड की जनता को करा रहे हैं। इसके साथ यह भी है कि झारखंड में यदि एआईएमआईएम मजबूत होती है तो इसका खामियाजा महागठबंधन को होगा और फायदा भाजपा को होगा
