भारतीय परंपराओं एवं जीवन मूल्यों तथा अपने गौरवशाली विरासत पर गर्व करने वाले राष्ट्र के योग्य व अनुशासित नागरिक बनने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया कुलपति गोपाल पाठक ने

Jharkhand झारखण्ड देश शिक्षा जगत

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : सरला बिरला विश्वविद्यालय के सत्र 2022- 23, फर्स्ट सेमेस्टर के नव नामांकित छात्रों के लिए बी.के बिरला ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के समापन पर फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लिंग्विस्टिक तथा फैकल्टी ऑफ यौगिक साइंस एंड नैचुरोपैथी के छात्रों का इंडक्शन प्रोग्राम का विधिवत् शुरुआत विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर गोपाल पाठक, कुलसचिव प्रोफ़ेसर विजय कुमार सिंह, डीन प्रो एस बी दंडीन, डीन प्रोफेसर नीलिमा पाठक, डीन डॉ संदीप कुमार, डीन श्री हरीबाबू शुक्ला आदि के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया। छात्रों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रोफेसर गोपाल पाठक ने कहा कि योग एक कोर्स नहीं यह जीवन जीने का मार्ग है। मेंटल फिटनेस के लिए योग आवश्यक और उपयोगी है। उन्होंने भारतीय शिक्षा की चर्चा करते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में चरित्र सबसे बड़ी ताकत थी जिसे पुनः महत्व देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तक्षशिला एवं नालंदा विश्वविद्यालय की खोई हुई गरिमा एवं गौरव को पुनर्स्थापित करने में नई पीढ़ी की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने छात्रों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरुप अध्ययन करने की अपील करते हुए भारतीय परंपराओं एवं जीवन मूल्यों तथा अपने गौरवशाली विरासत पर गर्व करने वाले राष्ट्र के योग्य व अनुशासित नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने छात्रों से शत-प्रतिशत उपस्थिति एवं मोबाइल के ऑप्टिमम उपयोग करने की सलाह दी।
विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने सत्र 2022- 23 के लिए नव प्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन आधारभूत संरचना सहित हर सुविधाओं को उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयास करेगा ताकि अपने अध्ययन काल में वे अपने आप को पूर्ण रूप से विकसित कर सकें। कुलसचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों से अपेक्षाओं पर चर्चा की तथा विश्वविद्यालय के रूल्स एंड रेगुलेशन से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि अपने जीवन की यात्रा स्वयं पूरी करनी है। उन्होंने छात्रों से व्यक्तित्व निर्माण एवं समाज का नेतृत्व करने की सलाह दी। बिरला लीगेसी की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय को विद्या के मंदिर के रूप में विकसित करने में सभी के समन्वित सहयोग के आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से हर हाल में कैंपस के अनुशासन एवं कैंपस कल्चर का पालन करने की बात कही। अपने स्वागत भाषण में फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लिंग्विस्टिक्स की डीन प्रो नीलिमा पाठक ने कहा कि सरला बिरला विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि यहां के प्रत्येक छात्र मानवीय जीवन मूल्यों से युक्त होकर समाज राष्ट्र का नेतृत्व कर सके। हमने जो कुछ भी सीखा है वह हमारे आचरण व्यवहार रहन-सहन वेशभूषा आदि द्वारा परिलक्षित होनी चाहिए। प्रत्येक छात्र अनुपम एवम अद्वितीय क्षमताओं से युक्त होता है। उनके अंतर्निहित क्षमताओं व प्रतिभाओं को विकसित करना ही शिक्षा का उद्देश्य है। व्यवहार एवं आचरण द्वारा आपके शिक्षित होने की झलक दिखाई पड़ती है। उन्होंने कहा कि आपका विचार जितना उद्दात होगा आचरण भी उतना ही उद्दात होंगे। छात्र जीवन योग्यता को विकसित करने तथा योग्यता अर्जित करने का अवसर एवम भावी जीवन का आधार है। अपने समाज और परिवार और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर ही हम अपने आप को योग्य बना सकते हैं।

इस अवसर पर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के डीन श्री हरी बाबू शुक्ला ने प्लेसमेंट का विवरण प्रस्तुत किया। एग्जामिनेशन कंट्रोलर प्रोफेसर राहुल वत्स ने एग्जामिनेशन रूल्स एंड रेगुलेशन तथा एग्जाम की- पॉइंट पर चर्चा की। डॉ संदीप कुमार ने डीएसडब्ल्यू सेक्शन की सभी गतिविधियों से छात्रों को पूर्ण रूप से परिचित कराया। श्रीमती बनश्री श्रीवास्तव ने लाइब्रेरी से संबंधित विभिन्न जानकारियां साझा की व श्री चंद्रशेखर महथा ने विश्वविद्यालय के विभिन्न क्लब एवं कमेटियों के बारे में सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापिका प्रो एल जी हनी सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन की औपचारिकता सहायक प्राध्यापिका डॉ मनोरमा के द्वारा पुरी की गई।
इस अवसर पर डॉ पार्थ पॉल, डॉ राधा माधव झा, प्रो अमित गुप्ता, डॉ संजीव कुमार सिन्हा, डॉ पूजा मिश्रा, डॉ मनोज पांडे, डॉ अभिषेक चौहान, डॉ मेघना घोष, प्रो एल जी हनी सिंह, डॉ संतोष कुमार दास, डॉ प्रियंका पांडे, डॉ जीवा चिदंबरम, डॉ सौरभ कुमार, डॉ दीपक प्रसाद, डॉ मनोरमा, प्रो आदित्य विक्रम वर्मा, डॉ भारद्वाज शुक्ल, डॉ वीएन लक्ष्मी दुर्गा, प्रो अनुषा लाल, प्रो राजीव रंजन, डॉ पिंटू दास, प्रो चंदन कुमार,डॉ नम्रता चौहान, डॉ अर्चना मौर्य, डॉ सोहन चौधरी,आकांक्षा कुमारी, अंजना कुमारी सिंह, डिंपल सिंहानिया, किशलय कुमार, जितेंद्र ठाकुर, श्रेय भारती, सुभाष नारायण शाहदेव, राहुल रंजन, अनुभव अंकित, ऋषि राज जमुआर, अमित शर्मा, दिलीप महतो, आनंद विश्वकर्मा, संतोष द्विवेदी, ओम प्रकाश, उत्सव उमंग, आशीष आदि उपस्थित थे।

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