


गोड्डा से मनोज गोप की रिपोर्टः-
गोड्डा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और भाजपा के गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे के बीच छिड़ी ट्यूटर जंग अब जुबानी जंग में तब्दील होता हुआ नजर आ रहा है। अब निशिकांत दूबे ने ट्वीट के जरिये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर और गंभीर आरोप लगाकर झारखंड की राजनीति को तेज कर दिया है। महाराष्ट्र में दर्ज एक पुराने मामले को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच ट्वीटर पर जंग छिड़ी है। ट्वीटर पर मंगलवार से शुरू हुए गंभीर आरोपों का सिलसिला बुधवार को क्लाइमेक्स पर पहुंच गया। निशिकांत दूबे ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के डीजीपी और कुछ गुंडे-माफियाओं के माध्यम से उनपर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता की हत्या करा सकते हैं।उन्होंने पीएमओ, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख, और मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लड़की को सुरक्षा देने और मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। एक दिन पहले ही इस मामले को उठाते हुए निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया था कि 2013 में महाराष्ट्र में एक महिला ने झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दुष्कर्म और इससे संबंधित विभिन्न धाराओं में बयान दर्ज कराया था।पीड़िता ने बयान दर्ज कराने के 7 दिन बाद ही आरोप वापस ले लिया गया था। निशिकांत का आरोप है कि पीड़िता को डरा-धमका कर मामला वापस लेने के लिए बाध्य किया गया था। वहीं निशिकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक पीड़िता द्वारा बयान वापस लिए जाने के बावजूद ऐसे गंभीर मामलों को रफा-दफा नहीं किया जा सकता।मंगलवार रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसपर री-ट्वीट करते हुए निशिकांत दुबे पर गलत आरोप लगाने के लिए मामला दर्ज कराने की बात कही थी। निशिकांत दुबे के खिलाफ झामुमो की ओर से शीघ्र मामला दर्ज कराया जा सकता है। ट्विटर वार के पीछे कहीं न कहीं दुमका विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भी है। वहीं झामुमो ने इस पुराने मामले को फर्जी बताते हुए इस पर जवाब देना सही नहीं कहा हैै। झामुमो की ओर से कहा गया है कि निशिकांत दूबे फर्जी मामलेा को ही उठाने में विश्वास रखते हैं।
