मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन के इस्तीफे पर बीजेपी नेताओं की सहानूभूति उमड़ी, हिमांता विस्वा सरमा से लेकर अमर बाउरी तक ने हेमंत सोरेन के परिवारवाद को लताड़ा

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने अपना इस्तीफा राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को सौंप दिया है वहीं अब बीजेपी की ओर से उनके इस्तीफे को लेकर सहानूभूति जतायी जा रही है। झारखंड की सत्ता की कमान एक बार फिर से हेमंत सोरेन के हाथों में मिलनेवाली वाली है। विधायक दल की बैठक में हेमंत सोरेन के नाम पर सहमति की औपचारिकता पूरी कर ली गई । चंपाई सोरेन ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। हेमंत सोरेन राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसी क्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा सरमा ने हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है।
झारखंड की जनता हेमंत को नकार देगी: हिमंता बिश्व सरमा

हिमंता बिश्वा सरमा ने सोशल मीडिया एक्स में लिखा कि “झारखंड में झामुमो एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाना अत्यंत दुखद है. मुझे यकीन है कि झारखंड की जनता इस फैसले की कड़ी निंदा करेगी और इसे दृढ़ता से खारिज करेगी.”
झारखंड में सियासी उठापक के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोरेन परिवार को ऊपर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शिबू सोरेन परिवार पर आरोप लगाया कि इनके परिवार के बाहर के आदिवासी केवल काम चलाऊ हैं। सोरेन परिवार अपने राजनीतिक फायदे के इस्तेमाल के बाद दूध से मक्खी की तरह उठा कर बाहर कर देंगे। दरअसल, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झारखंड की सत्ता में फिर से फेर बदल होने वाला है। हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद चर्चा है कि वह फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं।

बाबूलाल मरांडी ने सोरेन परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीएम चंपाई सोरेन को बार-बार अपमानित किया। उन्होंने विधायक दल की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम चंपाई को विधायक दल के नेता हैं और उन्हें किनारे बिठाया गया है। बाबूलाल मरांडी ने लोकसभा चुनाव के दौरान हुए इंडिया एलायंस की रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम चंपाई को मंच में किनारे कर दिया गया। कल्पना सोरेन का पार्टी में कोई पद नहीं था लेकिन वह मंच में बीच में रही। यहां तक की चंपाई सोरेन के भाषण के बीच में ही झामुमो नेता मंच से उठ कर जाने लगते थे। उन्होंने झामुमो पर तंज कसते हुए बोला कि झामुमो के अन्य आदिवासी नेताओं के लिए यह सबक है। अन्य नेता केवल शिबू सोरेन परिवार की पालकी ढोने के लिए हैं। जिस नेता को परिवारवाद से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री बनाया गया था उनसे आज फिर से इस्तीफा दिलाया गया है। इससे झामुमो का असली चेहरा उजागर हो गया। उन्होंने कहा कि आज कोल्हान के टाइगर को चूहा बना दिया गया है।

चंपाई सोरेन को हेमंत सोरेन ने किया अपमानित: अमर बाउरी
झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि “चंपाई सोरेन जैसे वरिष्ठ नेता के साथ सोरेन परिवार का यह व्यवहार बहुत शर्मनाक और निंदनीय है। अब झारखंड के चुनावों में कुछ महीने ही बचे हैं, लेकिन सोरेन परिवार को सत्ता की ऐसी बेकरारी है कि वे इससे एक दिन भी दूर नहीं रह सकते हैं। वैसे भी सरकार तो जेल से हेमंत सोरेन ही चला रहे थे, लेकिन जेल से जमानत पर बाहर आते ही फिर से गद्दी पर बैठने के लिए बेकरार हो उठे। पिछ्ले पांच सालों झारखंड को शर्मशार करने की कोई भी कसर हेमंत सोरेन ने नहीं छोड़ी है।

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