


रिपोर्टः- अशोक कुमार, संपादक, मुखर संवाद
जमशेदपुर: मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरूद्ध झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने की होड़ में विपक्षी दलों का महागठबंधन तार-तार होने की संभावना दिखायी देने लगी है। मुख्यमंत्री रघुवर दास लगातार पांच बार से जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव विजयी हुए है। 2014 के विधानसभा चुनाव में रघुवर दास भाजपा के प्रत्याशी के रूप में 1,34,027 वोट प्राप्त किये थे तो वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी आनंदबिहारी दूबे ने 33,270 मत प्राप्त किये जबकि झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़े। अभय सिंह को केवल 20,815 मत ही प्राप्त हो सके। वहीं झामुमो के कमलजीत कौर गिल ने 3987 मत ही प्राप्त कर सकी। 2009 में रघुवर दास ने भाजपा के टिकट पर 56,165 मत प्राप्त किये थे, जबकि झाविमो प्रत्याशी अभय सिंह 33,202 मत हासिल किये तो वहीं निर्दलीय प्रत्याषी के रूप में आंनद बिहारी दूबे ने 10,944 मत ही प्राप्त किया था। वहीं झामुमो के प्रमोदलाल ने 4862 मत ही प्राप्त किये थे। अभी झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव को लेकर विपक्षी दलों के महागठबंधन में टिकट के पेंच को सुलझााने में नेताओं को नाकों चने चबाने पड़ेंगे। आदित्यपुर नगर निगम के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने राजद की ओर से जमशेदपुर पूर्वी सीट से टिकट के लिए आवेदन देने से महागठबंधन के दलों में विवाद उत्पन्न हो सकता है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह जमशेदपुर पूर्वी सीट पर अपनी दावेदारी पेशकर महागठबंधन की गांठें उलझा दी है। राजद ने रोटेशन के हिसाब से इस सीट पर अपना दावा किया है। राजद महागठबंधन में शामिल है, 2005 के बाद से कोल्हान की किसी भी सीट से चुनाव नहीं लड़ा है। इस बार कोल्हान की एक सीट पर पर अपना दावा कर रहा है। इसके लिए कांग्रेस और झाविमो के उम्मीदवारों का फेल होने का हवाला दिया जा रहा है। राजद के नेताओं का दावा है कि भाजपा को राजद ही पछाड़ सकती है। झाविमो के महासचिव अभय सिंह के मुताबिक जमशेदपुर पूर्वी में उनकी पार्टी चुनाव लड़ने की तैयारी पूरी कर चुकी है। हर हाल में यहां से जेवीएम चुनाव लड़ेगा। झाविमो के केंद्रीय महासचिव अभय सिंह ने कहा कि झारखंड विकास मोर्चा 81 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी है। जमशेदपुर पूर्वी में तो तैयारी पूरी कर ली गई है। जेवीएम जमशेदपुर पूर्वी से हर हाल में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए दूसरे दलों से भी बात की जा रही है। वहीं कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का शहरी सीट पर मजबूत पकड़ है। जमशेदपुर पूर्वी पर पार्टी पहले या फिर दूसरे स्थान पर रही है। जमशेदपुर पूर्वी दूसरे दल को देने का सवाल नहीं है। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा को लेकर महागठबंधन की गांठें उलझ सकती है जिससे मुख्यमंत्री रघुवर दास को काफी आसानी होगी।
