
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: नई दिल्ली स्थित यूएनआई के कार्यालय में पुलिस कार्रवाई के दौरान पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना पर द रांची प्रेस क्लब ने गहरी चिंता और कड़ा विरोध जताया है। रांची प्रेस क्लब के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा जिस तरह से कार्यरत पत्रकारों-जिसमें महिला पत्रकार भी शामिल हैं उनको बलपूर्वक परिसर से हटाया गया और उन्हें अपने निजी सामान तक लेने का अवसर नहीं दिया गया। यह कुकृत न केवल अमानवीय है बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी सीधा आघात है। किसी भी परिस्थिति में कार्यरत पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
रांची प्रेस क्लब का यह भी कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई आवश्यक थी, तो संबंधित एजेंसियों को संवेदनशीलता और संयम का परिचय देना चाहिए था। पत्रकारों को उचित समय और सूचना दिए बिना इस तरह की कार्रवाई करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। रांची प्रेस क्लब प्रभावित पत्रकारों के साथ अपनी एकजुटता प्रकट करता है और संबंधित अधिकारियों से मांग करता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। इसके साथ ही इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के काम करने के अधिकार की रक्षा करना किसी भी लोकतंत्र की मूल जिम्मेदारी है, और इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
