मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में श्रम नियोेजन मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सदन में यह घोषणा की कि राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 15 हजार नई नौकरियों का सृजन होगी। इसके लिए नीतियां बन रहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग का जाल बिछे, इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोशिश कर रहे हैं। मंत्री संजय प्रसाद यादव विधानसभा में श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और उद्योग विभाग के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सरकार के उत्तर में सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड में चल रहे उद्योग और आने वाले उद्योगों के लिए यहां के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। आइटीआइ के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें इस तरह से प्रशिक्षित किया जा रहा है कि उन्हें नौकरी खोजना न पड़े बल्कि नौकरी उन्हें ढूंढे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3 लाख 89 हजार 568 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण को लेकर गंभीर है। मंत्री ने बताया कि यदि किसी प्रवासी मजदूर की बाहर काम करने के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके पार्थिव शरीर को पैतृक घर तक पहुंचाने के लिए सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा विदेशों में फंसे या मृत श्रमिकों के लिए भी नई सहायता योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। 302 भर्ती कैंप और 95 रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 14 हजार 748 युवाओं का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।उद्योग विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि दावोस 2026 में मुख्यमंत्री की भागीदारी के बाद राज्य को 1 लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। टाटा स्टील के साथ 9 हजार 600 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ है, जो ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित परियोजना होगी। मंत्री के अनुसार इन निवेश प्रस्तावों से भविष्य में 45 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
