
लालू प्रसाद के पुत्र तेजप्रताप यादव ने देवघर में किया जलाभिषेक, बिहार को बाढ़ से छुटकारा पाने की मांगा आर्शिवाद देवघरः बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने सोमवार को देवघर में करीब 12 बजे दोपहर जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के बाद तेजप्रताप यादव ने कहा है कि बिहार में बाढ़ के सवाल पर बाबा से वे मांगने आए हैं कि जल्द वहां सबकुछ ठीक हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार के साथ झारखंड में भी सरकार बदलनी चाहिए। देवघर में भीड़ को देखते हुए सरकार के व्यवस्था पर सवाल पूछे जाने पर तेजप्रताप ने कहा कि इस मामले पर झारखंड की सरकार पूरी तरह से फेल है। जलाभिषेक के दौरान तेजप्रताप के साथ उनके समर्थक और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहे। तेजप्रताप ने गेरूआ रंग का वस्त्र धारण किया था। इससे पहले रविवार की रात सुल्तानगंज (बिहार) तेजप्रताप का काफिला जाम में कुछ घंटे के लिए फंस गया था। आरोप है कि इस दौरान तेजप्रताप के बाउंसर्स और समर्थकों ने आम श्रद्धालुओं से बदसलूकी और मारपीट भी की। युवा राजद नेता सह विधायक तेजप्रताप यादव रविवार को भगवान शिव के गेटअप में रविवार को सुल्तानगंज के अजगैवी नगरी पहुंचे और दोपहर बाद जल लेकर समर्थकों के साथ देवघर के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान काफी संख्या में कांवरिया व आम जनता तेजप्रताप के साथ सेल्फी लेने को उत्सुक दिखी। तेजप्रताप ने भी कुछ श्रद्धालुओं के साथ सेल्फी ली और जय बाबा भोलेनाथ का नारा लगाते आगे बढ़ते रहे। तेजप्रताप यादव का काफिला देवघर पहुंचने के क्रम में कटोरिया-देवघर मुख्य मार्ग पर लगे करीब 18 किलोमीटर लंबे जाम में फंस गया। आरोप है कि इस दौरान तेजप्रताप यादव के सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों ने आम जनता और श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी की। सावन मेला की दूसरी सोमवारी व प्रदोष की वजह से बाबाधाम में कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा. बाबा पर जलार्पण के लिए सोमवार को सरकारी पूजा के बाद सुबह 3.46 बजे आंतरिक अरधा शुरू कर दिया गया. कांवरियों के अप्रत्याशित भीड़ की वजह से बाह्य अरघा में जलार्पण के लिए कतारबद्ध कांवरियों की लाइन भी फेल हो गयी. राजकीय श्रावणी मेला के 13वें दिन कांवरियों की कतार तकरीबन 15 किमी से भी ज्यादा लंबी हो गयी. कृष्णा बम डाक बम के रूप में देवघर पहुंचीं और बाह्य अर्घा में जलार्पण किया. लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप भी सुल्तानगंज से जल लेकर आये और बाबा मंदिर में बाह्य अरघा में जलार्पण किया.
