
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: एक ओर राजद अध्यक्ष् लालू प्रसाद यादव के समर्थक उनकी रिहाई के लिये 17 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर चारा घोटाले में जलालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार में सजा सुनाये जाने की तैयारी चल रही है। डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को जल्द ही सुनवाई हो रीही है जिसमें सजा सुनाई जानी है। लालू यादव को लेकर आ रही इस नई खबर से बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव समेत पूरा लालू परिवार सकते में है। मामला चारा घोटाला से जुड़ा है। अबतक के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार घोटाले में जल्द ही सजा का एलान होने वाला है। ऐसे में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी असहज हो रहे हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक तरफ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ चारा घोटाले के अलग-अलग मामलों में गिरते-संभलते अब वे अहम पड़ाव पर आ पहुंचे हैं। चारा घोटाले के अबतक के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार मामले में जल्द ही सजा का एलान होना है। ऐसे में राजद खेमे, लालू परिवार और लालू समर्थकों की बेचैनी बढ़ गई है। इस मामले में भी लालू को अदालत से सजा सुनाए जाने की पूरी संभावना है। लालू अभी चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता हैं। और इन्हीं मामलों के साक्ष्य और गवाही को उन्होंने डोरंडा कोषागार मामले में भी एडाप्ट किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कोर्ट पुराने मामलों सरीखी सजा इस मामले में भी सुना सकता है।
लालू को फिलहाल चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में जमानत नहीं मिली है। जबकि चाईबासा कोषागार के दो मामले और देवघर कोषागार के एक मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने उन्हें पहले ही जमानत दे दी है। दुमका कोषागार मामले में लालू ने कुल सजा अवधि की आधी सजा काटने की बिना पर जमानत की मांग की थी, लेकिन आधी सजा में दो माह समय कम पड़ने पर उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका रद कर दी। इधर, शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव से जुड़े अब तक के सबसे बड़े चारा घोटाला में सुनवाई टल गई है। डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये अवैध निकासी मामला कांड संख्या आरसी 47/96 में छह अप्रैल को सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई हेतु तिथि निर्धारित की थी लेकिन सात अप्रैल तक फिजिकल सुनवाई पर रोक के कारण सुनवाई टल गई है।रांची की अदालतों में अभी केवल वर्चुअल तरीके से ही सुनवाई होगी। ऐसे में फिजिकल कोर्ट नहीं रहने से लालू प्रसाद यादव के मामले की सुनवाई नहीं होगी। लालू यादव से जुड़ा यह केस अभी अहम मोड़ पर है। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस चल रही है। कोरोना संक्रमण का रफ्तार अगर नहीं रुका तो एक बार फिर चारा घोटाला की सुनवाई बाधित हो सकती है। विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने कहा कि फिर सुनवाई कब होगी यह आठ के बाद ही कोर्ट तय करेगी।कोरोना संक्रमण के कारण करीब नौ माह तक कोर्ट का कामकाज वर्चुअल चल रहा था। इस कारण घोटाले में सुनवाई नहीं हो रही थी। जनवरी से एक चैथाई कोर्ट फिजिकल हुआ तो घोटाले की सुनवाई शुरू हुई। सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत ने सुनवाई हेतु सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार की तिथि निर्धारित की है। 17 अप्रैल के बाद लालू यादव और उनके समर्थकों को चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार मामले के फैसले और उनके जमानत को लेकर इंतजार रहेगा। देखना दिलचस्प होगा कि चारा घोटाले में लालू यादव की किस्मत किस ओर जाती है।
