मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: पति भले ही पत्नियों पर ध्यान नहीिं दे लेकिन पत्नियां जान जोखिम में डालकर वट सावित्री पूजा में सोशल डिस्टेसिंग की धज्ज्यिां उड़ाते हुई दिखी हैं। वट सावित्री पूजा को लेकर राजधानी के कई इलाके मे मंदिरों मे सुबह से ही सुहगिनों की भीड़ दिख रही है। वट वृक्ष के पास इतनी भीड़ देखी गयी हकि साामजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा गया। वट सावित्री पूजा का दिन सुहगिनो के लिये विशेष दिन है। पति की लम्बी उम्र के लिये निर्जला व्रत रख कर सावित्री, सत्यवान, यमराज के साथ वट वृक्ष की पूजा कर रही है। इस दौरान महिलाओं में संक्रमण की चिंता नहीं देखी। महिलाएं अलग-अलग समूह में एकत्र थी।लोहरदगा शहरी क्षेत्र में वट सावित्री की पूजा के दौरान सुहागिन महिलाओं में कोरोना वायरस के संक्रमण का डर नहीं दिखा। इन महिलाओं ने पति के प्रेम में कोरोना के डर को भी मात दे दिया। वट सावित्री पूजा को लेकर शुक्रवार को सुबह-सुबह सुहागिन महिलाएं अपने घरों से निकलकर आसपास में लगे बरगद के पेड़ के नीचे पहुंच गए और विधि-विधान के साथ बेखौफ तरीके से वट सावित्री का पूजा-अर्चना कर पति के लंबी उम्र की मंगल कामना की। परिवार के सुख-समृद्ध के लिए प्रार्थना की। बरगद के पेड़ों के नीचे परिक्रमा किया और पंडित जी द्वारा कहे जाने वाली कथा भी सुनी। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बरगद के पेड़ों तक पहुंचकर भारी भीड़ के बीच सुहागिन महिलाओं ने पूजा की। इस दौरान उन्हें लॉक डाउन के तहत शारीरिक दूरी के नियम का भी ख्याल नहीं रहा।हां नियम की खूब धज्जियां उड़ी, इन महिलाओं को किसी का कोई डर नहीं दिखा, सिर्फ पति के प्रेम में भगवान याद आये। वहीं दूसरी ओर जिन सुहागिन महिलाओं को कोरोना का डर था वे अपने-अपने घरों में ही वट वृक्ष की डाली के साथ पूजा अर्चना कर पति के लंबी उम्र के साथ सुख-शांति और समृध्दि की मंगल कामना की। वट सावित्री पूजा के लिये पूरे शहर में महिलाओं का हूजूम निकल गया है। जिसके बाद कोरोना का खतरा और भी बढ़ गया है।
