शहीद संतोष गोप को नम आंखों से गुमलावासियों ने दी अंतिम बिदाई, पिता ने गर्व से तिरंगा लहराया

Jharkhand झारखण्ड
शहीद संतोष गोप के परिजन
 शहीद संतोष गोप के पार्थिव शरीर को विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. दिनेश उरांव, सांसद सुदर्शन भगत  ने श्रद्धांजलि दी

गुमला से अशोक गोप की रिपोर्ट

गुमला: शहादत का रंग कभी फीका नहीं होता और देश पर मर मिटने वाले लोग कम नहीं होते। गुमला का शहीद संतोष गोप के परिजनों ने न केवल गम में आखें गीली की बल्कि फक्र से यह भी कहा है कि देश पर मर मिटनेवाला संतोष गोप ने उनके खानदान का नाम रौशन किया है और उसकी शहादत बेकार नहीं जायेगी। पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिये उनके घर-खानदान से और लोग भी सेना में शामिल होंगें। जम्मू-कश्मीर सीमा पर शहीद हुए गुमला के बीएसएफ जवान संतोष गोप का कल उनके पैतृक गांव टेंगरा में अंतिम संस्कार किया गया। सुबह उनका पार्थिव शरीर रांची से गुमला लाया गया। यहां उन्हें नमन करने के लिए उनके घर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से शनिवार को की गई सीज फायरिंग में झारखंड के गुमला के जवान संतोष गोप शहीद हो गए थे। सोमवार को शहीद संतोष गोप के पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट पर उतरने के बाद राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. दिनेश उरांव, सांसद सुदर्शन भगत समेत लोगों ने श्रद्धांजलि दी। विधानसभाध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि हमने अपने वीर सपूत को खोया है। इसकी कमी परिवार, समाज व देश को हमेशा रहेगी। दुःख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ हैं। ईश्वर परिवार वालों को दुःख सहने की शक्ति दे। सरकार परिवार का सभी स्तर पर मदद करेगी। शहीद जवान संतोष के गांव की आबादी 130 लोगों की है पर इस गांव के लोगों में देश सेवा का जज्बा काफी प्रबल है। तीन जवान फिलहाल बीएसएफ में सेवा दे रहे हैं जबकि एक जवान झारखंड पुलिस में है। लोगों का कहना है कि पाक की कार्रवाई का बदला हमारे देश के जवान जरूर लेंगे। लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि रोजाना पाकिस्तान की सेना कोई न कोई हरकत करती है। ऐसे में केंद्र सरकार को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए, जिससे हमारे शहीद जवानों की आत्मा को शांति मिल सके। इस मौके पर संतोष गोप के पिता ने तिरंगा लहराते हुए कहा है कि उसे अपने पुत्र संतोष पर गर्व है जिसने अपने मातृभूमि के लिये शहादत दी है।

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