
लखनउ से अंकित यादव की रिपोर्ट
लखनउ: समाजवादी पार्टी की ओर से 2022 के विधानसभा चुनावी की तैयाारियां करनी शुरू कर दी गयी है। इसी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिये समाजवादी पार्टी की ओर से शिवपाल सिंह यादव की वापसी पर विचार होना शुरू हो गया है। शिवपाल सिंह यादव की समाजवादी पार्टी में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां पूर्व मुंख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की याचिका वापस ले ली है, वहीं शिवपाल ने चिट्ठी लिखकर आभार जताया है। शिवपाल ने अखिलेश को लिखी चिट्ठी में उनके नेतृत्व की सराहना की है। लिखा कि, इससे आपके नेतृत्व में नए राजनीतिक विकल्प का जन्म होगा। शिवपाल सिंह यादव ने यह चिट्ठी 29 मई को लिखी है। उन्होंने लिखा- आपके ,अखिलेश यादव के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मेरी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की दी गई याचिका को वापस कर दिया गया है। इस स्नेहपूर्ण विश्वास के लिए आपका कोटिशः आभार। निश्चय ही यह मात्र एक राजनीतिक परिघटना नहीं है, बल्कि आपके इस तरह के स्पष्ट, सार्थक व साकरात्मक हस्तक्षेप से राजनीतिक परिधि में आपके नेतृत्व में एक नव-राजनीतिक विकल्प व नवाक्षर का भी जन्म होगा।साल 2017 में शिवपाल यादव ने सपा के टिकट पर जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। लेकिन, एक साल बाद 2018 में शिवपाल ने अपनी नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया बना ली थी। इसके खिलाफ सपा नेता राम गोविंद चैधरी ने 4 सितंबर 2019 को दल परिवर्तन के आधार पर शिवपाल की सदस्यता रद्द करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दाखिल की थी। लेकिन, 23 मार्च को प्रार्थना पत्र देकर याचिका वापस लेने का आग्रह किया गया। चैधरी ने कहा कि, याचिका पेश करते वक्त कई जरुरी दस्तावेज और सबूत सौंपे नहीं गए थे, ऐसे में याचिका वापस की जाए। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने याचिका वापस कर दी थी। अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक होन के साथ ही शिवपाल सिंह यादव की सपा में वापसी की कवायद शुरू हो चुकी है जिससे समाजवादियों में योगी सरकार के विरोध में आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी तय किये जाने की संभावना हुई है।
