सरला बिरला विश्वविद्यालय सभागार में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती का किया गया आयोजन

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती का आयोजन करके सरला बिरला विश्वविद्यालय ने संपूर्ण विश्व में शांति और समृद्धि की कामना की गयी है। मुख्य वक्ता के रूप में अखिल विश्व गायत्री परिवार के क्षेत्रीय व्यवस्थापक जटाशंकर झा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री धीरेंद्र प्रसाद सिंह उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई।इस अवसर पर मुख्य वक्ता अखिल विश्व गायत्री परिवार के व्यवस्थापक श्री जटाशंकर झा ने श्रीमद भगवत गीता के रहस्यों एवं उपदेशों पर विशद चर्चा की। साथ ही अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा विश्व शांति के प्रयासों के बारे में बताया । उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता विश्व का सबसे उत्तम काव्य है जिसमें विश्वशांति का मार्ग को आलोकित किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्यात्मवाद के मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र अपनी गरिमा को पुनः कायम कर सकती है।विशिष्ट अतिथि धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कर्म की प्रधानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम बदलेंगे तो जग बदलेगा और हम सुधरेंगे तो जग सुधरेगा।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एवं अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता में श्रीकृष्ण ने हम सभी को निष्काम कर्म करने की प्रेरणा दी है। कृष्ण के द्वारा दिए गए शांति के उपदेशों को जीवन में अपनाकर मानव कल्याण के साथ-साथ विश्व का कल्याण किया जा सकता है। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा संकलित 71 आध्यात्मिक वांग्मय सदग्रंथों को सरला बिरला विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के लिए सप्रेम भेंट समर्पित किया गया जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा एवं अध्यात्म की ज्योति का सतत प्रवाह बनी रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ रिया मुखर्जी ने किया एवं कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन नर्सिंग एवं पब्लिक हेल्थ की डीन डॉ सुबानी बाड़ा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर श्रीधर बी दंडीन, प्रोफेसर संजीव बजाज, डॉ राधा माधव झा, डॉ संदीप कुमार, डॉ पूजा मिश्रा, आशुतोष द्विवेदी, डॉ प्रमोद कुमार होता, डॉ अदिति सिंह, डॉ मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ पुनीत कुमार मिश्रा, प्रो निलाचल, डॉ भारद्वाज शुक्ल, सुभाष नारायण शाहदेव, राहुल रंजन, गरिमा जायसवाल, नम्रता चौहान आदि उपस्थित थे।

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