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मुखर संबाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
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रांची:पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर सरला बिरला विश्वविद्यालय में आज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दीनदयाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विवि के माननीय महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक ऐसे दूरदर्शी मनीषी थे, जिन्होंने देश को पूंजीवाद के द्वंद्व से निकालकर ‘एकात्म मानववाद’ का विकल्प दिया। आज भारत जिस ओजस्वी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, उसमें दीनदयाल जी के विचारों की महती भूमिका है। उन्होंने दीनदयाल जी के उद्गारों की व्याख्या करते हुए कहा कि विकास का असली पैमाना ‘अंत्योदय’ है, यानी समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का कल्याण, जिसे गांठ बांधकर हमें राष्ट्र के उत्थान के निमित्त दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना चाहिए। कुलपति प्रो सी जगनाथन ने भारतीय राजनीति को सेवा की दिशा प्रदान करने में दीनदयाल जी के योगदान को याद किया एवं उनके विचारों व आदर्शों को आत्मसात करने की बात कही। डीन डॉ. नीलिमा पाठक ने अद्वैत वेदांत का उल्लेख करते हुए समाज के प्रत्येक स्तर के व्यक्ति के लिए अच्छा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो एस बी डांडिन सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगणों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षाकेत्तर कर्मचारी भी उपस्थित रहे। एसबीयू के माननीय प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।
