
देवघर से संजय कुमार की रिपोर्ट-
देवघर: बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और सांसद साक्षी महाराज ने एक बार फिर मुस्लिमोकं को अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त करने की मांग करते हुए संसद में इसके लिये केन्द्र सरकार से विधेयक लाने की बात कही है। साक्षी महाराज ने भारत में मुसलमानों का अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त करने की मांग की है। इसके लिए कानून में बदलाव करने की मांग करते हुए कहा है कि संसद, विधानसभा और मीडिया में बहस होनी चाहिए। भारत में मुसलमानों की आबादी 32 करोड़ पहुंच गई है। इस स्थिति में मुसलमानों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का कोई औचित्य नहीं है। साक्षी महाराज देवघर जिले के मधुपुर में मुखर संवाद से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार को मुसलमानों का अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त कर देना चाहिए। देश विभाजन के समय भारत में दो करोड़ मुसलमान यहीं रह गए थे। जबकि पाकिस्तान में 5 करोड़ हिंदू अपना जन्मस्थान मानते हुए वहीं रह गए थे। आज पाकिस्तान में 25 लाख भी हिंदू नहीं हैं। जबकि अभी हिंदुस्तान में मुसलमानों की आबादी 2 करोड़ से 32 करोड़ तक पहुंच गयी है। मुसलमान हमारे छोटे भाई बन गए हैं। ऐसी स्थिति में मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा खत्म करना चाहिए। सांसद ने साफ किया कि हम अल्पसंख्यक विरोधी नहीं हैं। बौद्ध, सिख, जैन,पारसी का विरोध नहीं कर रहा हूं। किसी खास धर्म के बजाय संख्या के आधार पर अल्पसंख्यक का दर्जा तय होना चाहिए। साक्षी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी और अमित शाह की युगल जोड़ी ने भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र से बाहर जाकर जितने भी राष्ट्रहित के कार्य थे उनको पूरा करने का काम किया। जम्मू कश्मीर से 370, 35 ए धारा को समाप्त कराया और अयोध्या के राम जन्मभूमि पर श्री रामलला का मंदिर निर्माण कार्य शुरू कराया। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कड़ा कानून सरकार बनाएगी। जनसंख्या कानून राष्ट्रहित में आना जरूरी है। धर्मांतरण कर ईसाई और मुस्लिम बने दलित, ओबीसी का सर्टिफिकेट रद किया जाए। उनको मिल रहा आरक्षण और सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए। साक्षी महाराज के बयान के बाद एक बारी फिर से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।
