

मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास मीडिया में झूठी खबर प्रसारित प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए गुस्से से तमतमाये हुए कहते हैं कि मैंने राज्य की जनता की सेवा में अपने राजनीतिक जीवन को गुजारा है और मुझे प्रतिष्ठा से ज्सादा कुछ भी प्यारी नहीं है। मेरे राजनीतिक प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करनेवाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं कर सकता। ये बातें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुखर संवाद से बातचीत के दौरान कही हैं। पूर्व सीएम रघुवर दास ने झूठी व भ्रामक खबर फैलाकर उन्हें बदनाम करने को लेकर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को 50 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। पूर्व सीएम ने रांची से प्रकाशित होने वाले एक अखबार को भी नोटिस दिया है। यह कानूनी नोटिस रघुवर दास ने अधिवक्ता विनोद कुमार साहू के माध्यम से भेजा है। अधिवक्ता ने नोटिस में कहा है कि उनके मुवक्किल रघुवर दास पर लगाए गए आरोप में अखबार व वर्तमान सरकार की मिलीभगत है। इससे उनकी छवि धूमिल कर बदनाम करने के मकसद से किया गया है। इस कारण लीगल नोटिस सीएम हेमंत सोरेन, अखबार के संपादक समेत चार लोगों पर 50 करोड़ की मानहानि का दावा किया है। रघुवर दास के अधिवक्ता ने लीगल नोटिस में 15 दिनों के अंदर सार्वजनिक रूप से हेमंत सोरेन समेत सभी आरोपियों से माफी मांगने और मानहानि की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। वर्ना माफी नहीं मांगने पर सीएम समेत सभी लोगों के खिलाफ कोर्ट में दीवानी व आपराधिक मुकदमा दायर करेंगे। अधिवक्ता ने बताया कि नोटिस सभी को भेजा जा चुका है। 27 जून 2020 को एक अखबार और यूट्यूब चैनल पर खबर में पूर्व सीएम रघुवर दास पर दक्षिण अफ्रीका में बन रही है रघुवर के सपनों की वंडर कार शीर्षक से खबर प्रचारित किया था। इसमें कहा गया कि रघुवर दास ने एक वंडर कार का कंसाइनमेंट दिया था। मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास ने बेंटले कार का ऑर्डर 2018 में इंग्लैंड की एक कंपनी को दिया था, जिसके एवज में उन्हें 40 लाख रुपए एडवांस भुगतान किया था। जब कंपनी ने अक्षमता जाहिर की तो कार का ऑर्डर दक्षिण अफ्रीका स्थित कंपनी को दे दिया गया। साथ ही यह समाचार प्रकाशित हुई कि नई सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गाड़ी का मूल्य देखते हुए ऑर्डर को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसे फिजूलखर्ची मानते हैं। वहीं यह बात भी लिखी गई थी कि बेंटले कंपनी ने ऑर्डर के बारे में झारखंड सरकार को ईमेल भेजा है। इसके बाद जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हुई।
सीएम रघुवर दास के वकील विनोद साहू ने एक दैनिक समाचार पत्र आजाद सिपाही और तथा एक यूट्यूब चैनल आजाद बोल पर बेबुनियाद खबर प्रकाशित एवं प्रसारित कर उनके छवि को धूमिल करने की कोशिश करार देते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। जिसमें 15 दिनों के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ मानहानि का 50 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कोर्ट में दीवानी के साथ आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा।पिछले दिनों एक दैनिक अखबार एवं यूट्यूब चैनल ने खबर प्रकाशित एवं प्रसारित किया है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का नाम लेते हुए “दक्षिण अफ्रीका में बन रही है रघुवर के सपनों की वंडर कार” शीर्षक से खबर प्रकाशित एवं प्रसारित किया गया। खबर में बताया गया है कि रघुवर दास ने एक वंडर कार का कंसाइनमेंट दिया था , मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास ने बेंटले कार की ऑर्डर वर्ष 2018 मे इंग्लैंड की एक कंपनी को दी थी जिसके एवज में उन्हें 40 लाख रुपए का एडवांस राशि का भुगतान किया गया था तथा जब यह कंपनी ने अक्षमता जाहिर की तो इस कार का आर्डर दक्षिण अफ्रीका मे स्थित एक कंपनी को दे दिया गया था। खबर में यह भी बताया गया है कि नई सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गाड़ी की मूल्य देखते हुए ऑर्डर को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसे फिजूलखर्ची मानते हैं। इसके साथ हीयह भी लिखा गया था कि बेंटले कंपनी ने आर्डर के बारे में झारखंड सरकार को ई-मेल भेजा है जिसके बाद इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने इस खबर को असत्य, झूठी , भ्रामक, बेबुनियाद एवं गलत बताया है इसके के लिए लीगल नोटिस हेमंत सोरेन के साथ दृ साथ संबंधित अखबार के संपादक एवं एजेंसी, प्रिंटर को दी है। साथ ही साथ अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने अपने मुव्वकील रघुवर दास के ऊपर लगाए गए आरोप के संबंध में कहा कि यह प्रयास उक्त अखबार एवं वर्तमान सरकार के संयुक्त प्रयास से छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई है। इस कारण एक लीगल नोटिस हेमंत सोरेन, अखबार के संपादक हरि नारायण सिंह, राहुल सिंह तथा लैंडस्केप मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, डी बी प्रिंट सॉल्यूशन पर 50 करोड़ का मानहानि का दावा ठोका है । लीगल नोटिस में अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने 15 दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा मानहानि के राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है अन्यथा कोर्ट में दीवानी के साथ आपराधिक मुकदमा दायर करने की बात कही है।
