
रांची से अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: झारख्ंांड विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद पूर्व मंत्री सी.पी. सिंह और नीलकंठ सिंह मुंडा की उम्मीदों पर पानी फिर गया और इनके भाजपा विधायक दल के नेता बनने की उम्मीदें धरासायी हो गयी। अब उनकी नाराजगी भी जगजाहिर हो गयी है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को भाजपा के विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झाविमो प्रजातांत्रिक का भाजपा में विलय किए जाने की जानकारी से भी विधानसभा सचिवालय को अवगत कराया गया है। सोमवार को बाबूलाल मरांडी के नेता चुने जाने के बाद दोनों जानकारी विधानसभा सचिवालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंपी गई है।दोनों ही मामलों में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को निर्णय लेना है। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद स्वतरू उनका दावा प्रतिपक्ष के नेता के रूप में बन गया है। ऐसे में स्पीकर ही उन्हें प्रतिपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दे सकते हैं। प्रतिपक्ष के नेता बनाए जाने के साथ ही उनका स्थान बदल जाएगा। भाजपा में शामिल होने के ठीक एक सप्ताह बाद बाबूलाल मरांडी की पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में विधिवत ताजपोशी सोमवार को हुई। केंद्रीय पर्यवेक्षक पी मुरलीधर राव की उपस्थिति में भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से मरांडी के नाम पर मुहर लगाई। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा समेत पार्टी के 25 विधायक मौजूद थे। विधायक ढुलू महतो को छोड़कर भाजपा के सभी विधायकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने की लिखित सूचना विधानसभा अध्यक्ष को भी दे ही है। जाहिर है सदन में बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वाह करेंगे। भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्ति किया था। दोपहर डेढ़ बजे शुरू हुई भाजपा विधायकों की बैठक में विधायक अनंत ओझा ने बतौर प्रस्तावक बाबूलाल मरांडी का नाम प्रस्तावित किया, जिसका अनुमोदन विधायक नीलकंड सिंह मुंडा, बिरंची नारायण और केदार हाजरा ने किया।
