
मुखर संवाद के लिये शिवांगी यादव की रिपोर्ट
नयी दिल्ली: झारखंड की दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव 29 नवंबर के पहले हो जायेगा। इसके संकेत केन्द्रीय चुनाव आयोग ने दिये हैं। केन्द्रीय चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आयोग ने एक समय के आस पास सभी 65 सीटों पर उपचुनाव और बिहार का विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय लिया है। आयोग के अनुसार, उन्हें एक साथ जोड़ने के प्रमुख कारकों में से एक सीएपीए अन्य कानून और व्यवस्था बलों और चुनाव से जुड़े अन्य लॉजिटिक्स के एक साथ काम इस्तेमाल करना है। चुनाव की तारीखों को लेकर हो रहे सवालों पर भी चुनाव आयोग ने तस्वीर साफ की है। आयोग ने कहा, बिहार विधानसभा चुनाव और ससे पहले देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनमें कुछ मानकों के साथ रैलियों और घर-घर प्रचार की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बटन दबाने के लिए वोटरों को दस्ताने उपलब्ध कराए जाएंगे जो संभवतः डिस्पोजेबल होंगे। बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर तक है। राज्य में उससे पहले चुनाव और नई सरकार का गठन होना है। अगर कम चरणों में मतदान होता है तो आयोग आसानी से मतदान की तिथियों को नवंबर के दूसरे सप्ताह तक खींच सकता है। कोरोना काल मे इससे थोड़ा वक्त भी मिलेगा और बहुत लंबी प्रक्रिया से भी राहत मिलेगी। सामान्यतया कई चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए इस बार संभवतः अधिकतम दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है। चुनाव आयोग की ओर से इस घोशणा के बाद झारखंड की राजनीतिक पार्टीयों की हलचलें तेज हो गयी हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि दोनेां ही सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशियों को उतारेगा। लेकिन एनडीए में शामिल दलों के साथ चुनाव लड़ा जायेगा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बेरमेा में कांग्रेस का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा तो वहीं दुमका में झामुमो अपना प्रत्याशी उतारेगा और महागठबंन के प्रत्याशी जीत का डंका बजायेंगें।
