बाबूलाल के भाजपा में शामिल कराने के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को स्वीकारने लगे हैं प्रदेश के भाजपाई

Jharkhand झारखण्ड

रांची  अशोक कुमार की रिपोर्ट 

रांची : कभी कुतुब मीनार से कूदना पसंद करने वाले बाबू लाल मरांडी भाजपा में जाना ं पसद नहीं करते थे लेकिन बदली राजनीति के तहत बाबूलाल मरांडी की झारखंड में भाजपा के खेवनहार बनेंगे ।खरवास के बाद भाजपा की पूरी बागडोर बाबूलाल मरांडी संभालेंगे  बाबूलाल मरांडी अब 2024 में भाजपा से मुख्यमंत्री बनने का सपना सवारना चाहते हैं और अपने 2006 में बनाई गई पार्टी झारखंड विकास मोर्चा को समाप्त करना चाहते हैं। बाबूलाल के प्रति भाजपा का उमड़ा प्रेम यूं ही नहीं पनपा है। रघुवर दास के चुनाव हारने और अर्जुन मुंडा के केंद्रीय राजनीति में शिफ्ट हो जाने के बाद जो जगह खाली हुई है, उसकी पूर्ति करने के लिए भाजपा में फिलहाल कोई चेहरा नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश में पचास लाख सदस्यों का दावा करने वाली भाजपा में अचानक नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि इसकी भरपाई बाबूलाल मरांडी ही कर सकते हैं। बाबूलाल मरांडी अब भाजपा की जरूरत भी बन गए हैं और मजबूरी भी। 

हालांकि, बाबूलाल की घर वापसी होगी या नहीं, इसे लेकर अब भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। बाबूलाल विदेश में हैं, उसकी वापसी पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। बाबूलाल की स्थिति स्पष्ट न होने के बावजूद प्रदेश भाजपा का प्रेम अचानक उन पर जाग उठा है। शनिवार को बाबूलाल मरांडी के जन्म दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा अगली-पिछली पंक्ति के तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी। जाहिर है प्रदेश भाजपा के नेताओं ने अघोषित रूप से उन्हें अपना नेता स्वीकार करना शुरू कर दिया है। विदेश दौरे पर होने के बावजूद बाबूलाल अपने ट्विटर एकाउंट पर सक्रिय रहे और बधाई देने वालों का आभार भी जताया। ट्विटर पर बाबूलाल पूरे 20 दिन बाद सक्रिय नजर आए। इससे पूर्व उन्होंने अपना आखिरी ट्वीट 21 दिसंबर को किया था। हालांकि, बाबूलाल को बधाई देेने वालों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व अन्य दलों के नेता भी शामिल थे।

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