
नयी दिल्ली से शिल्पी यादव की रिपोर्ट
नयी दिल्ली: झारखंड की चाईबासा नरसंहार की घटना को संसद के गलियारों में आजसू के गिरिडीह के सांसद चन्द्रप्रकाश चाौधरी उठायेंगें। नरसंहार की गूंज बजट सत्र के दौरान पूरे देश को सुनायी देगी। चन्द्रप्रकाश चाौधरी गिरिडीह से आजसू पार्टी के सांसद हैं। चैधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एनडीए की बैठक में चाईबासा नरसंहार का मुद्दा उठाया जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर चिंता जताई। एनडीए की बैठक के दौरान सांसद ने घटना पर झामुमो-कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। जानकारी के मुताबिक, केंद्र की एक टीम घटनास्थल का दौरा भी करेगी। मामले में अब तक 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम ने आदिवासियों के नरसंहार की जांच केंद्र सरकरा द्वारा एनआईए से कराने की मांग की है। उनके अनुसार ,अगर किसी कारण एनआईए जांच नहीं कर पाती है तो फिर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। बता दें कि जांच दल ने गुरुवार को दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय मुख्यालय में यह मांग रखी। बुरूगुलीकेरा गांव में 19 जनवरी रविवार को पत्थलगड़ी समर्थकों ने ग्रामसभा कर पत्थलगड़ी विरोधी उपमुखिया जेम्स बूढ़ समेत सात ग्रामीणों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद गांव के पास जंगल में ले जाकर सातों का गला काटकर सिर धड़ से अलग कर फेंक दिया था। पुलिस ने 22 जनवरी को सातों शवों को बरामद कियाथा। बुरुगुलीकेरा गांव के उपमुखिया जेम्स बुढ़ के अलावे लोंबा बुढ़, निर्मल बुढ़, जबरा बुढ़, कोंजें टोपनो, वोवास लोमगा, एतवा बुढ़ की हत्या सरेआम गुलीकेरा पंचायत के पूर्व मुखिया मुक्ता कुई के पति रांसी बुढ़ के आंगन में ही की गई थी। सैकड़ों पुलिस बल के साथ पहुंचे एसपी और डीसी के सामने पत्थलगड़ी नेता व हत्या का मुख्य आरोपी पूर्व मुखिया का पति रांसी बुढ़ ने दहाड़ कर कहा था- ये सातों उत्पाती थे। इस मामले में पूर्व मुखिया पति राणसी बूढ़, जितेंद्र बूढ़ और कोंजे बूढ़ समेत 17 अभियुक्तों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। सभी अभियुक्तों के खिलाफ गुदड़ी थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चाईबासा के बुरुगुलीकेरा में 7 ग्रामीणों की हत्या मामले में भाजपा के छह सदस्यीय जांच दल ने बुधवार को जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में भाजपा की टीम ने हेमंत सरकार पर जांच में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। साथ ही रिपोर्ट में खराब कानून व्यवस्था का भी जिक्र किया गया है। इस घटना के बाद पत्थरगड़ी को लेकर राज्य में चर्चा होने लगी है।
