
पटना से अश्विनी यादव की रिपोर्टः-
पटना: राजद ने बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच सुलह कराकर विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी गंभीरता दिखाई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक दूरदर्शिता का परिणाम झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के गठन के बाद बिहार में जतेजस्वी यादव की सरकार बनाने की रणनीति बनाने में जुट गये हैं। राजद के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे विवाद के बाद पार्टी सुप्रीमो लालू यादव ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए दोनों नेताओं को मिलने की सलाह दी जिसके बाद दोनों नेताओं ने शुक्रवार को पटना स्थित राजद कार्यालय में लालू के कमरे में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह कल रांची के रिम्स में लालू यादव से मुलाकात करेंगे। रघुवंश प्रसाद सिंह पटना से रांची पहुंच चुके हैं। पिछले दिनों बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद की नेता राबड़ी देवी ने लालू से रिम्स में मुलाकात की थी। राबड़ी ने अपने पति लालू यादव से परिवार और पार्टी के बारे में बातचीत की थी, जिसके बाद लालू ने दोनों नेताओं को मिलने और बात करने की बात कही थी। उसके बाद इन दोनों नेताओं की मुलाकात पार्टी के लिए काफी अहम मानी जा रही है। जब से जगदानंद सिंह राजद के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, तब से लगातार रघुवंश प्रसाद सिंह जगदानंद सिंह के कार्य और उनकी नीतियों के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। साथ ही लगातार खुलकर पार्टी कार्यालय में हो रहे बदलाव के विरोध में आवाज उठाते रहे हैं। वहीं इसी साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा के लिए चुनाव होना है और चुनाव से पहले लालू अपनी पार्टी में इस तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। इसीलिए इससे पहले ही वो डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। पार्टी के दो बड़े नेता प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और रघुवंश सिंह के बीच की दूरी को लालू यादव ने खत्म करने की कोशिश की है।
जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद अनुशासन को लेकर कड़ा रूख अपनाया था तो रघुवंश ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि कार्यकर्ता पार्टी ऑफिस में नहीं बैठेंगे तो कहां जाएंगे। पार्टी अनुशासन के चाबुक से नहीं चलती। इसके साथ ही रघुवंश ने लालू यादव को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी भी जताई थी। लालू प्रसाद यादव दोनेां नेताओं के विवाद से निपटने के बाद अब महागठबंधन की रणनीति बनाने में जुट जायेंगें।
