

रांची से अशोक कुमार की रिपेार्ट-
रांची: झारखंड से भाजपा की सत्ता जाने के साथ ही भाजपा के बाघमारा विधायक ढ़िल्लू महतो के बुरे दिन शुरू हो गये हैं। ढ़िल्लू महतो के जहां अपने भी विरोध में खड़े हो गये हैं वहीं अदालत से भी ढ़िल्लू महतमो को राहत मिलने की उम्मीदें कम ही हो रही हैं। बाघमारा से भाजपा विधायक ढुलू महतो को झारखंड हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली हैं। न्यायधीश ए.के. चैधरी की अदालत ने विधायक की अग्रिम जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। विधायक की ओर से यौन शोषण मामले में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। भाजपा विधायक की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि उन पर झूठा आरोप लगाया गया है और राजनीतिक द्वेष के चलते ऐसा किया गया है। जबकि सरकार की ओर से अधिवक्ता सूरज वर्मा ने कोर्ट को बताया कि इन पर 39 केस चल रहे हैं और यह सूचक को जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। ऐसे में अगर इन्हें जमानत मिलती है तो यह साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने विधायक ढुलू महतो की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दि इसके पूर्व भी सात मार्च को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने विधायक की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विधायक महतो के जमानत पर बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।जिला भाजपा की पूर्व महिला पदाधिकारी ने विधायक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर विधायक के खिलाफ पुलिस ने 4 अक्टूबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में 15 फरवरी 2020 को पीड़िता बयान दर्ज करा दिया था। पीड़िता ने न्यायालय को कहा कि विधायक ने कहा था, तुम 18 साल की लगती हो। कैसे मेनटेन करती हो। इसके बाद विधायक ने गलत काम किया। बयान के मुताबिक जब वो गेस्टहाउस गयी थी तो वहां आनंद शर्मा थे। आनंद शर्मा और अयोध्या ठाकुर ने उससे कई बार कहा था कि ढुलू उसे पसंद करते हैं और उनकी बात मानने पर मालामाल कर देंगे।
