
रांची: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से इन्हीें तैयारियों को लेकर सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक रांची में बुलायी गयी जिसमें कई निर्देश भी दिये गये। चुनाव आयोग ने मतगणना को लेकर निर्वाची पदाधिकारी व सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने मतों की गिनती को लेकर चुनाव आयोग द्वारा तय निर्देशों की जानकारी दी. राज्य निर्वाचन आयोग के कांफ्रेंस रूम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री खियांग्ते ने कहा कि मतों की गणना को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों का हर हाल में पालन होना चाहिए.
गिनती के दौरान किसी तरह का संशय होने पर सहायक निर्वाची पदाधिकारी और निर्वाची पदाधिकारी को इसकी जानकारी दें. समाधान नहीं होने पर ऑब्जर्वरों से संपर्क करें. मतों की गणना में किसी तरह की गड़बड़ी अथवा चूक नहीं होनी चाहिए.
चुनाव आयोग के नियम और मैनुअल को ध्यान में रखकर मतों की गणना करनी है. श्री खियांग्ते ने चुनाव के सफल संचालन के लिए निर्वाची पदाधिकारियों और उनकी टीम को बधाई दी. कहा कि चुनाव से संबंधित सभी तरह की रिपोर्ट चुनाव आयोग को प्रेषित की जानी है. निर्वाची पदाधिकारी रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय को समय पर उपलब्ध करायें.
कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चैबे ने मतों की गणना प्रक्रिया के बारे में बताया. कहा कि मतों की गणना चार चरणों में की जानी है. पहले चरण में प्री-काउंटिंग के अंतर्गत सेवा मतदाताओं के इटीपीबीएस मतों की गिनती की जायेगी. दूसरे चरण में इवीएम के मतों की गिनती होगी. तीसरे चरण में वीवीपैट में पर्ची मिलान कर मतों की गणना की जायेगी. चैथे चरण में मतगणना के बाद इवीएम और वीवीपैट को सील करने से जुड़ी प्रक्रिया होनी है. उन्होंने कहा कि मतगणना में सिर्फ उन्हीं पोस्टल बैलेट को शामिल किया जायेगा, जो मतगणना के दिन सुबह 7.59 बजे तक उपलब्ध होगा. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ अमिताभ कौशल ने कहा कि मतों की गिनती में टाइमलाइन को फॉलो करना जरूरी है. इवीएम-वीवीपैट को स्ट्रांग रूम से निकालने की पूर्व जानकारी सभी प्रत्याशियों व उनके निर्वाचक एजेंट को दी जानी है.
प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल को इवीएम-वीवीपैट को स्ट्रांग रूम से मतगणना कमरे तक लाने के दौरान किसी तरह का कोई संशय नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर बेहतर माहौल बनाये रखने के लिए पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि मतगणना स्थल पर तैयार किये गये सेटअप की जानकारी प्रत्याशियों को पूर्व में दी जाये. हर प्रत्याशी को मतगणना के हर टेबल पर एक काउंटिंग एजेंट रखने की अनुमति दी जायेगी.
मतगणना केंद्र में मतगणना कर्मियों को मोबाइल फोन व अन्य सामानों को ले जाने की इजाजत नहीं होगी. पुलिस कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को भी बिना इजाजत के मतगणना केंद्र के अंदर घुसने की इजाजत नहीं होगी. केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रियों के भी मतगणना केंद्र के अंदर प्रवेश पर मनाही रहेगी. पुलिस पदाधिकारी अथवा मंत्री को किसी प्रत्याशी का काउंटिंग एजेंट बनाना प्रतिबंधित है. चुनाव आयोग ने अपने दिसये गये निर्देशों को किसी भी कीमत पर लागू कराने का निर्देश सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को करने का सख्त निर्देश दिया है।
