
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपेार्ट
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भले ही देश के शक्तिशाली लोगों का पुरस्कार से वनाजे गये हैं। लेकिन राजधानी रांची के एक मुहल्ले हिन्पीढ़ी ने उनके सरकार के नाम में दम कर दिया है। हिन्दपीढ़ी के आगे हेमंत सरकार की कुछ चल नहीं पा रही है। हेमंत सोरेन की सरकार में हिन्दपीढ़ी के लागों ने सफाईकर्मी की पिटाई कर दी थी। उसके बाद पुलिस महानिदेशक पत्रकारों से सबूत मांगते रहे कि घटना नहीं हुई। वहीं प्रशासन की कमजोरी हिन्दपीढ़ी में तब साबित हरो गयी जब सीआरपीएफ को हिन्दपीढ़ी के इलाके में तैनात करना पड़ा। हालंाकि राजनीतिक दबाव और वोट बैंक के कारण हिन्दपीढ़ी के इलाके से सीआरपीएफ को हटा लिया गया। वहीं रांची के कोतवाली डीएसपी अजित कुमार विमल को पथराव में चोट लगी लेकिन पुलिस कुछ भी अपराधियों के विरूद्ध ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। अब हिन्दपीढ़ी में कोरोना के खतरा होने के वावजूद सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए आज बुधवार को लोगो ने जमकर बवाल किया। कोरोना के हॉटस्पॉट रहे हिंदपीढ़ी इलाके में आज फिर से जमकर हंगामा हुआ। हंगाम के दौरान इलाके में भारी संख्या में लोग धरने पर बैठ गए हैं। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कोरोना जांच को लेकर यहां के लोगों की स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाबलों के साथ झड़प हुई थी। बताया जाता है कि हिंदपीढ़ी में एक 20 साल के युवक की बीमारी से मौत हुई है। वहां के लोग चाहते हैं कि उन्हें खुली हवा में सांस लेना है, इसलिए फोर्स हटाया जाय। इसी बात को लेकर कंट्रोल रूम बने गुरुनानक स्कूल के पास हंगामा चल रहा है। एसपी यातायात अजीत पीटर डुंगडुंग और डीएसपी कोतवाली लोगों को समझा रहे हैं। लोग हिंदपीढ़ी से कंटेनमेंट जोन हटाने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। हिंदपीढ़ी के आसिफ नामक 20 वर्षीय युवक की मौत के बाद बुधवार को वहां के लोगों ने जमकर हंगामा किया। आसिफ अपेंडिक्स का मरीज था। उसकी गुरुनानक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हंगामा कर रही भीड़ की मांग थी कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई हो और हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से बाहर निकाला जाय। हिंदपीढ़ी कंटेनमेंट जोन बने रहने के कारण यहां के मरीजों को समय से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है। लोग हिंदपीढ़ी से फोर्स हटाने की मांग को लेकर गुरुनानक स्कूल में बने कंट्रोल रूम के पास धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे एसपी यातायात अजीत पीटर डुंगडुंग और डीएसपी कोतवाली अजीत कुमार विमल ने लोगों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ शांत हुई और धरने से हटी।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि हिन्दपीढ़ी के लोग हेमंत सोरेन सरकार से काबू में नहीं आ रहे हैं और जब जैसा चाहते हैं वैसा ही करते हैं। यानि की हिन्पीढ़ी के लोगां में कानून का खौफ नाम की कोई चीज नहीं है। जब हिन्दपीढ़ी के इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्ज्यिां उड़ा रहे हैं जो खुद तस्वीरों में दिखाई दे रहा है।
