
मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपेार्टः-
रांची: गैस सिलिंडर की कीमतों में इजाफा से मोदी सरकार की एक और मार गरीबों पर पड़ी है। अब गरीबों को जहां बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है वहीं गैस सिलिंडर के लिये भी पहले की तुलना मंें अधिक पैसे देने पड़ेगें। कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन की मार झेल रहे गरीबों पर एक और मुसीबत आ गयी है. तेल कंपनियों ने घरेलू गैस की कीमतों में वृद्धि कर दी है। 14.2 किलो के एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 48.50 रुपये की वृद्धि कर दी गयी है. झारखंड और रांची के लोग भी इससे प्रभावित होंगे, क्योंकि यहां भी कीमतों में वृद्धि हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने रांची में 14.2 किलो के नन सब्सिडी वाले और 19 किलो के व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमतों में इजाफा किया है। 14.2 किलो नन सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर के दाम 48.50 रुपये बढ़ गये हैं.अब ग्राहकों को 597.50 रुपये की बजाय एक सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए 646 रुपये चुकाना होगा. इसके बदले में इस माह सब्सिडी के रूप में एलपीजी के ग्राहकों को 36.76 रुपये उनके बैंक खाते में दिये जायेंगे. इसी प्रकार 19 किलो के व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम में 107 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि हुई है. ग्राहक अभी इसके लिए 1131.50 रुपये का भुगतान करते थे, लेकिन अब इसकी जगह उन्हें 1238.50 रुपये देने होंगे.इंडेन के मुख्य प्रबंधक हरीश दीपक ने कहा है कि नयी कीमतें सोमवार 1 जून, 2020 से लागू हो गयी है. यानी आपने गैस सिलिंडर बुक किया है और आपको अब डिलीवरी मिलने वाली है, तो आपको ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. उल्लेखनीय है कि गैस सिलिंडर की बुकिंग करने के बाद ग्राहकों को बुकिंग कन्फर्मेशन के मैसेज के बाद बिलिंग अमाउंट का भी मैसेज मिलता है. इसमें यह लिखा होता है कि आपको रीफिलिंग के लिए कितने रुपये देने हैं. यदि आपने पहले बुक करा रखा है, तो आपको मैसेज में 597.50 रुपये देने के लिए कहा गया होगा, लेकिन असल में आपको चुकाना है 646 रुपये। गैसा कीमतों ममें इजाफा होन से विपक्ष को बोलने का मौका हाथ लग गया है।
