

मुखर संवाद के लिये नीलकमल की रिपोर्टः-
गोड्डा: सांसद निशिकांत दूबे ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 2013 में मुम्बई में हुए बलात्कार की घटना को लेकर सार्वजनिक रूप से बहस करने की चुनौती दे डाली है। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि 2013 के मामले में हेमंत सोरेन ने अदालत के बाहर महिला के साथ समझौता कर लिया था। अगर वे दोषी नहीं थे तो अदालत के बाहर समझौता क्यों किया ? उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन को मेरी को चुनौती है कि उनमें साहस है तो मुंबई के दुष्कर्म पर सार्वजनिक तौर पर बहस करें। वहीं निशिकांत दुबे ने कहा कि शैक्षणिक डिग्र्री के फर्जी होने के सवाल पर दुबे ने कहा कि उनपर पहले भी सवाल उठाए जा चुके हैं। शैक्षणिक डिग्र्री के मसले पर भारत निर्वाचन आयोग और लोकसभा अध्यक्ष को मैैं जवाब दे चुका हूं। निशिकांत दुबे ने कहा कि अमित अग्र्रवाल का मुद्दा उठाने के कारण हेमंत सोरेन को इतना दर्द हुआ है। अमित अग्र्रवाल की संपत्ति की जांच कराने की मांग की तो हेमंत सोरेन ने देवघर में उनकी संपत्ति की जांच शुरू करा दी। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार चाहे तो झारखंड में उनकी कमाई की भी जांच करा सकती है, सारे बैंक खातों की जांच कर लें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गोडडा के भाजपा सांसद निशिकांत दूबे के बीच जारी जंग को लेकर झारखंड वासियों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को अंतिम निर्णय का इंतजार रहेगा कि दोनांे की जंग में कौन सत्य बोल रहा है और कौन झूठ !
