डीएसपी अरविन्द कुमार पर लगे यौन शोषण के आरोप, युवती ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से लगायी गुहार

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हजारीबाग से मुखर संवाद व्यूरो रिपोर्टः-
हजारीबाग: झारखंड में जिस पुलिस की वर्दी पर अपराध रोकने की जिम्मेवारी है उसी वर्दी पर अब यौन शोषण जैसे आरोप भी लग रहे हैं। बदलते समय में वर्दी की गरिता पर आंच आने लगी है। वर्दी अब केवल रक्षा करने के लिये ही नहीं बल्कि उसपर तरह तरह के आरोप लग रहे हैं जिसे वर्दी दागदार होती चली जा रही है। हजारीबाग के डीएसपी अरविन्द्र कुमार पर एक युवती के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगा है। यौन शोषण के आरोप को लेकर राज्‍य की राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी से शिकायत की गई है। शिकायत हजारीबाग की रहने वाली एक युवती ने की है। इसमें कहा गया है कि जमशेदपुर में पोस्टेड डीएसपी अरविंद कुमार ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया है। इस मामले की शिकायत सीएम सहित कई अन्य सक्षम अधिकारियों से की जा चुकी है। मामले में अभी कार्यवाही पूरी हुई नहीं है। इससे पहले ही डीएसपी ने दूसरी शादी रचा ली है। वहीं डीएसपी अरविंद कुमार पूरे आरोप को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवती अनर्गल आरोप लगाकर ब्लैकमेल कर रही है। उन पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। पीड़िता ने बताया है कि उसका संपर्क डीएसपी से एक सहेली के माध्यम से हुआ है। वह सहेली डीएसपी की भाभी की बहन है। उसी के द्वारा पीड़िता का परिचय वर्ष 2016 में डीएसपी से हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ।काफी समय तक दोनों की बात हुई। इसी से दोनों की दोस्ती बढ़ती गई। कई बार अलग-अलग पार्क और मंदिरों में दोनों का साथ घूमना-फिरना भी हुआ। पीड़िता संत कोलंबस कॉलेज हजारीबाग में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई के लिए हजारीबाग में किराये के मकान में रहती थी। डीएसपी अरविंद हमेशा उससे मुलाकात करने के लिए उसके पास किराये के मकान में आया-जाया करते थे। उन्‍होंने उसके कमरे में आकर वर्ष 2016 से 2017 के दौरान शारीरिक संबंध बनाया। उसी दौरान पीड़िता ने डीएसपी अरविंद से शादी करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। डीएसपी अरविंद ने बताया कि उसकी शादी कहीं और तय हो गई है। लड़की वाले 25 लाख रुपये और चार पहिया गाड़ी उन्हें दे रहे हैं।पीड़िता का आरोप है कि डीएसपी ने उसे धमकाया भी है। डीएसपी अरविंद की बातें सुनकर पीड़िता डिप्रेशन में आ गई। इसके बाद उसके घर वाले उसे वापस रांची लेकर आ गए। वहां उसे सदर अस्पताल में भर्ती कर 15 दिन रखा गया। इस दौरान डीएसपी अरविंद उससे मुलाकात करने के लिए रांची आए और सांत्वना दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द उससे शादी करेंगे। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता ने अरविंद के पिता से संपर्क किया और घटना के बारे में अवगत कराया।इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच हजारीबाग स्थित मंदिर में कई बार बैठक भी हुई। अरविंद के पिता ने कहा था कि जितना पैसा पहले लड़की वाले दे रहे हैं, उतना पैसा अगर पीड़िता के परिवार वाले देंगे तो वह शादी करने के लिए तैयार हैं। इस पर पीड़िता के परिवार ने डीएसपी के पिता को समझाया कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं और हैसियत के हिसाब से 9.51 लाख देने के लिए तैयार हुए। पीड़िता के अनुसार यह रकम डीएसपी के परिवार ने ले भी लिया लेकिन बाद में शादी से इन्‍कार कर गए। वहीं अरविन्द कुमार के अलनुसारीः‘ डीएसपी बनने के बाद मुझे ब्लैकमेल करने के लिए युवती अनर्गल आरोप लगा रही है। युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस मुख्यालय से लेकर कई आला अधिकारियों ने जांच की है। इसमें सारे आरोप झूठे पाए गए हैं। मुझे बेवजह परेशान करने के लिए युवती गलत आरोप लगा रही है। मुझ पर लगाए गए कोई भी आरोप सच नहीं हैं।‘
इस मामले को लेकर पूरे पुलिस महकमा में हड़कंप मचा हुआ है।

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