सीबीआई नहीं चाहती है कि लालू को मिले जमानत, सीबीआई जमानत में डाल रही है अड़ंगा बेवजह

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मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई बार-बार लालू प्रसाद यादव के जमानत को लेकर अपना अड़ंगा डाल रही है। कभी सीबीआई की ओर से लालू प्रसाद यादव के जमानत का व्यवधान किया जाता है तो वहीं कभी सीबीआई की वकील की ओर से जमानत का विरोध न करके सुनवाई की तारीख टलवाई जाती है। सीबीआई के रवैये को लेकर कोर्ट की निगाहें भी अब पैनी हो गयी हैं। वहीं लालू प्रसाद के समर्थकों के अनुसार, सीबीआई की ओर से सुनवाई के दौरान पक्ष रखने के बजाय गैर हाजिर रहकर अप्रत्यक्ष रूप से जमानत का विरोध ििकया जा रहा है। वहीं केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के दबाव में सीबीआई लालू प्रसाद यादव को जमानत नहंी होने देना चाह रही है। वहीं चारा घोटाले मामले में डोरंडा कोषागार मामले में सुनवाई वचल रही है और ऐसी आशा है कि डोरंडा मामले में सीबीआई लालू प्रसाद यादव को सजा होने का इंतजार कर रही है ताकि इसी आधार पर लालू प्रसाद यादव की जमानत न होने दे और इस कारण से अभी दुमका कोषागार मामले में जमानत को टालना चाहती है। झारखंड के रांची हाईकोर्ट में शुक्रवार को राष्‍ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में सजा के सिलसिले में जमानत अर्जी पर अहम सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने मामले में अगली तारीख दे दी। अब इसकी सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। लालू के समर्थक हों या विरोधी, उनकी जमानत पर बिहार में सबकी नजरें टिकीं हैं। लालू परिवार, आरजेडी नेताओं व समर्थकों को उनकी जमानत की उम्‍मीद है तो विरोधी नहीं चाहते कि जमानत हो। आज की सुनवाई के पहले पटना स्थित राबड़ी आवास पर सुबह से ही गहमा-गहमी देखी गई। बीते 19 फरवरी को रांची हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर बहस करते हुए कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्‍बल ने दो माह बाद की तारीख देने का आग्रह किया था, जिसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जमानत नहीं दी थी। सीबीआइ ने उनकी जमानत का इस आधार पर विरोध किया था कि दुमका कोषागार मामले में लालू की आधी सजा पूरी होने में करीब एक माह 19 दिन शेष हैं। इसके बाद अब लालू जमानत याचिका में नौ अप्रैल को आधी सजा पूरी हो जाने की दलील देते हुए फिर जमानत मांगी गई है। जमानत याचिका में लालू की उम्र व गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया गया है। फिलहाल सजा के दौरान लालू का इलाज दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में चल रहा है। लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला के चार मामलों में सजायाफ्ता हैं, जिनमें तीन में उन्‍हें आधी सजा काट लेने के आधार पर जमानत मिल चुकी है। दुमका कोषागार मामले में भी लालू ने यही दलील दी है। इससे पहले बीते 19 फरवरी को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। चारा घोटाला का एक और डोरंडा कोषागार का मामला फिलहाल सुनवाई के स्‍टेज में है। अब सीबीआई के कार्यकलापों से यह लगता है कि लालू प्रसाद यादव की ओर से जमानत याचिका का विरोध न करके सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहना सीबीआई की एक चाल की तरह दिखाई दे रहरा है। लोग दबी जुबान से यह भी कह रहे हैं कि सीबीआई केन्द्र सरकार का एक राजनीतिक हथियार भी दिखाई दे रहा है और इसी कारण केन्द्र सरकार इसका बेवजह इस्तेमाल कर रही है।

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