
देवघर से अशोक कुमार की रिपोर्टः-
देवघर: मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में दिलचस्प मोड़ तक आया जब कांग्रेस के मुस्लिम विधायक इरफान अंसारी ने हिन्दूओं के ज्योर्तिलिंग बाबा वैद्यनाथ के दर्शन कर अपने को सुर्खियों में ही नहीं लाया बल्कि भगवान षंकर की पूजा अर्चना कर खुद को सबसे बड़ा शिव का भक्त बताया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विधायक इरफान अंसारी ने खुद को शिव भक्त बताया है। उन्होंने बुधवार को शिवभक्त बताते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जाकर पूजा की। इसके साथ ही इरफान अंसारी ने कहा कि जब भी मन विचलित होता है वह बाबाधाम आ जाते हैं। चुपके से बाबा मंदिर में शीश नवाते हैं। इरफान अंसारी झारखंड के जामताड़ा जिले के जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसंद रह चुके हैं। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी आज सुबह-सुबह बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना की।अंसारी ने सांसद निशिकांत दुबे पर आरोप लगाया कि वह बाहरी हैं और पंडा समाज, यहां के ब्राह्मणों को नीचा दिखाने का काम किया है। मधुपुर सीट ब्राह्मण की सीट थी। राज पलिवार का नाम लिए बगैर कहा कि लगातार वहां से जीत रहे थे। वह सीट अब ब्राह्मण के हाथ से चला गया। इरफान ने कहा कि वह संकल्प लिए हैं कि ब्राहम्णों के सम्मान में कभी उनका सर झुकने नहीं देंगे। मुखर संवाद से बातचीत के दौरान इरफान अंसारी ने कहा है कि उन्होनें अपने पिता फुरकान अंसारी से राजनीतिक ट्रेनिंग लिया है। इसके साथ ही कहा ििक मेरे पिता से ही कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने भी ट्रेनिंग लिया है। सवालिया लहजे में कहा कि आज बादल पत्रलेख मंत्री हैं। क्या वह मंत्री नहीं बन सकते थे? कहा कि फुरकान अंसारी ने देवघर और ब्राह्मणों की रक्षा के लिए बहुत कुछ किया। उन्हीं का बेटा हूं। देवघर के लिए बहुत कुछ करना है। उनके साथ पूजा करने आए विधायक उमशंकर अकेला ने कहा कि कोरोना संक्रमण से राज्य और राष्ट्र की बाबा रक्षा करें। यही कामना करने आए थे। उमशंकर अकेला ने भी मीडिया से बातचीत के दौरान अपने मजाकिया लहजे का परिचय दिया। उमशंकर अकेला ने कहा है किक मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन की जीत तय है।
