

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
राँची- देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के असमायिक मौत पर पूरा देश दुखित है वहीं राजधानी रांची के सरला बिरला विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षक भी मर्माहत हैं। विश्वविद्यालय की ओर से दुख व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। सरला बिरला विश्वविद्यालय के सभागार में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत एवं उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 अफसरों की हेलीकॉप्टर हादसे में हुए दुखद और असामयिक मौत पर शोक संवेदना व्यक्त किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर डॉ विजय कुमार सिंह ने जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित कुल 13 लोगों की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में असामयिक मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जनरल बिपिन रावत ना केवल एक उत्कृष्ट सैनिक थे वरन एक सच्चे देशभक्त हैं। जिन्होंने हमारे सशस्त्र बलों और सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण में बहुत बड़ा योगदान दिया है। सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण थे। देश ने अपने सबसे बहादुर सपूतों में से एक को खो दिया है। उनके अनुकरणीय योगदान व प्रतिबद्धता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
उनकी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए सभी ने उनके छाया चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा 2 मिनट का मौन रखा गया एवं उनके परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से कामना की गई।
इस अवसर पर डीन प्रो श्रीधर बी दंडीन, प्रो संजीव बजाज, डॉ सुबानी बड़ा, डॉ अशोक कुमार अस्थाना, डॉ संदीप कुमार, डॉ संजीव कुमार, डॉ अलोकेश बनर्जी, डॉ राधा माधव झा, प्रो राहुल वत्स, डॉ रिया मुखर्जी, डॉ मृदानिश झा, प्रो राजीव रंजन, डॉ प्रमोद कुमार होता, डॉ भारद्वाज शुक्ला, तिलकधारी श्रीवास्तव, अजीत कुमार यादव, राकेश कुमार आदि उपस्थित थे।
